तांती-ततवा-पान समाज को राजनीतिक ताकत बनाने का संकल्प, गांव-गांव संगठन विस्तार करेंगे विधायक आईपी गुप्ता

Mukhiyajee Reporter | Patna

तांती, ततवा और पान समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने तथा समाज के अधिकारों की लड़ाई को संगठित रूप देने के उद्देश्य से इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी (आईआईपी) की प्रदेश कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को पटना में हुई। बैठक में संगठन विस्तार, आरक्षण से जुड़े मुद्दों और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विधायक इंजीनियर आई.पी. गुप्ता ने की। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राजेश प्रसाद सहित अन्य जिलों के अध्यक्ष रहे मौजूद। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित समाजों को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जा सकता। अब उन्हें राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया और सत्ता में उचित भागीदारी दिलाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष आई.पी. गुप्ता ने कहा कि तांती-ततवा-पान समाज समेत अन्य वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पार्टी गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि समाज की लड़ाई अब केवल सामाजिक स्तर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति के माध्यम से लड़ी और जीती जाएगी। बैठक में आगामी चुनावों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। इसके तहत उम्मीदवारों के चयन, संगठन की मजबूती और चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए एक विशेष समिति के गठन का फैसला किया गया। पार्टी नेताओं ने बताया कि यह समिति विभिन्न जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से राय लेगी और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने का काम करेगी। तांती-ततवा-पान समाज से जुड़े आरक्षण के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। इसके लिए सामाजिक संगठनों और विभिन्न मंचों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की भी योजना बनायी गयी है।

बैठक में मौजूद नेताओं ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी की सक्रिय भागीदारी का संकेत देते हुए कहा कि संगठन कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहा है। साथ ही समाज के बीच राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने और नए सदस्यों को जोड़ने के लिए विशेष सदस्यता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय पान महासंघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के अंत में सभी जिलाध्यक्षों को संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रमों को तेज करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी। बहरहाल, बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि तांती-ततवा-पान समाज को सामाजिक पहचान के साथ-साथ राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में अब संगठित प्रयास किए जाएंगे।

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