बिहार में घरेलू गैस सिलेंडर फिर महंगा, 90 दिनों में 89 रुपये बढ़े; जानें पटना का रेट

Mukhiyajee Reporter | Patna

बिहार की जनता पर एक बार फिर महंगाई ki मार पड़ी है। इस बार किचन के बजट पर सीधा हमला है। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में फिर वृद्धि की घोषणा की गयी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रति घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गयी है। यह महज 90 दिनों के अंदर तीसरी बार इजाफा है और इस दौरान अब तक कूल 89 रुपये की वृद्धि हुई है। ​पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा जारी की गयी नयी दरें 7 जून यानी आज रविवार से ही प्रभावी रूप से लागू हो गयी हैं। इस ताजा संशोधन के बाद, बिहार की राजधानी पटना में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत अब 1,040 रुपये के पार हो गयी है।

दरअसल, रविवार की सुबह-सुबह जब आपकी नींद टूटेगी तो सारा मूड ऑफ हो जाएगा। रसोई गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी से आपका बजट गड़बड़ा देगा। कहने को तो 29 रुपये की वृद्धि की गयी है, लेकिन इसका साइड इफेक्ट भी पड़ता है, जो हॉकर से लेकर ट्रांसपोटेशन तक पर दिखता है। ​बिहार के आम नागरिकों के लिए यह खबर इसलिए भी बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बार वृद्धि हुई है। इससे पहले, इसी वर्ष 7 मार्च को प्रति सिलेंडर कीमतों में 60 रुपये की भारी वृद्धि की गयी थी। इस बार यह वृद्धि 29 रुपये है। महज 90 दिनों के भीतर कुल 89 रुपये की इस लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पटना में कल तक 1011 रुपये में गैस सिलेंडर मिलता था और अब नयी दर खुद जोड़ लीजिये।

दामों में हुई इस भारी वृद्धि के पीछे अंतर्राष्ट्रीय कारणों का हवाला दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अस्थिरता के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मार्च में की गयी 60 रुपये की वृद्धि के बावजूद तेल विपणन कंपनियों को घरेलू एलपीजी की बिक्री पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस ताजा संशोधन से ठीक पहले तक, सरकारी तेल कंपनियों को हर घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर लगभग 703 रुपये का नुकसान हो रहा था। ऐसे में लगातार बढ़ती इनपुट लागत और वित्तीय घाटे को संतुलित करने के लिए कीमतों में इजाफा करना कंपनियों के लिए आवश्यक माना गया। बहरहाल, कारण जो भी हो, लेकिन इसकी चपेट में आमलोगों की परेशानी बढ़ गयी है।