बिहार बजट सत्र 2026 : राज्यपाल ने दिया अभिभाषण में विकास और कानून-व्यवस्था पर जोर; 10 पॉइंट्स में समझिए

Rajesh Thakur । Patna
बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल मोहम्मद आरिफ मोहम्मद खान ने आज सोमवार को विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। उन्होंने अपने अभिभाषण में राज्य में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद से राज्य में कानून का शासन स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। पुलिस बल की संख्या में वृद्धि की गयी है। नए थानों की स्थापना हुई है। डायल-112 जैसी आपात सेवाओं को प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भयमुक्त वातावरण बना है और सामाजिक सौहार्द कायम है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि नए विद्यालय खोले गए हैं। विद्यालयों की आधारभूत संरचना मजबूत की गयी है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर बहाली की गयी है। वर्तमान में सरकारी शिक्षकों की संख्या पांच लाख से अधिक है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल कार्यरत हैं। पटना मेडिकल कॉलेज और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान का विस्तार किया जा रहा है। जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सड़कों, पुलों और संपर्क मार्गों के निर्माण से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ा गया है। एक्सप्रेस-वे, बाइपास और चौड़ी सड़कों से यात्रा समय में कमी आयी है। बिजली, नल-जल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं लगभग सभी घरों तक पहुंचायी गयी हैं। महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था है।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। कृषि क्षेत्र में रोडमैप के जरिए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। मछली, दूध और कृषि उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि हुई है। युवाओं के लिए रोजगार और सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया। अंत में राज्यपाल ने केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में विकास की गति और तेज होगी। उन्होंने सदन के सदस्यों से सकारात्मक सहयोग की अपील की।

राज्यपाल के अभिभाषण की 10 प्रमुख बातें

  1. वर्ष 2005 के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी, पुलिस बल की संख्या बढ़ी और नए थानों की स्थापना हुई।
  2. डायल-112 आपात सेवा के जरिए अब तक लाखों लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध करायी गयी, जिससे राज्य में भयमुक्त माहौल बना है।
  3. शिक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार हुए, नए स्कूल खोले गए और बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
  4. शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर बहाली की गयी और सरकारी शिक्षकों की संख्या पांच लाख से अधिक हो गयी।
  5. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल शुरू किए गए, साथ ही पीएमसीएच और आईजीआईएमएस का विस्तार किया जा रहा है।
  6. सड़कों, पुलों, एक्सप्रेस-वे और बाइपास के निर्माण से दूर-दराज़ इलाकों की राजधानी से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
  7. हर घर बिजली, नल-जल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया।
  8. पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गयी।
  9. कृषि रोडमैप के जरिए अनाज, फल, सब्जी, दूध और मछली उत्पादन बढ़ा, किसानों की आय में वृद्धि का उल्लेख किया गया।
  10. केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है और आने वाले वर्षों में विकास की गति तेज करने का लक्ष्य रखा गया है।