Patna / Jehanabad । Ajeet Yadav
केंद्र सरकार के बजट को किसान विरोधी करार देते हुए किसान संघर्ष समिति ने आज सोमवार को जहानाबाद जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने बयान जारी कर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की और राजस्व व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। धरना स्थल पर जुटे किसानों ने मांग की कि राजस्व कर्मचारी और पदाधिकारी गांव-गांव जाकर शिविर लगाएं तथा किसानों की जमीन से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करें।

किसानों का कहना था कि दखल-खारिज, नामांतरण, एलपीसी जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें बार-बार अंचल और जिला कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है। बिना रिश्वत कोई काम नहीं होता और अंचल पदाधिकारियों से मिलना तक मुश्किल हो गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब कभी अधिकारियों से मुलाकात होती भी है तो उन्हें निजी लोगों और दलालों के पास भेज दिया जाता है, जहां खुलेआम पैसे की मांग की जाती है। पूरे राजस्व तंत्र के दलालों के सहारे चलने का आरोप लगाते हुए किसानों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर दोषी अंचलाधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

किसान संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार पर किसानों को ठगने का आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि न तो फसलों की कीमत दोगुनी की गयी, न कर्ज माफी हुई और न ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ायी गयी। बजट में 80 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसानों को नजरअंदाज कर बेहद सीमित प्रावधान किए गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार किसानों की नहीं, बल्कि बड़े कारोबारियों के हित में काम कर रही है। किसानों ने यह भी कहा कि आज भी बड़ी संख्या में जमाबंदी पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। कई परिवारों की दो पीढ़ियां गुजर जाने के बावजूद नामांतरण नहीं हो सका है। इसके कारण किसान पंजीयन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी हो रही है। अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते किसानों के पैर घिस गए हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
धान की खरीद को लेकर भी किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों का कहना है कि उन्हें औने-पौने दाम पर व्यापारियों को फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं बदले तो आंदोलन तेज किया जाएगा। किसान संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि 17 फरवरी को मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा। इससे पहले गांव-गांव किसान संवाद यात्रा निकालकर किसानों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान जर्मन यादव, सिद्धनाथ कुमार, सतीश सिंह, विजय सिंह, उमाशंकर सिंह, सुधीर यादव, पशुराम सिंह, नरेश सिंह यादव, सूर्यदेव पासवान, श्यामदेव प्रसाद यादव, विमल यादव, नागेंद्र पासवान, वीरेंद्र सिंह, मंजय कुमार, राजेंद्र यादव, सरजू प्रसाद, रविरंजन कुमार, डॉ. महबूब आलम अंसारी, हेमंत कुमार सिंह, इंदू देवी, वाल्मीकि राय सहित बड़ी संख्या में किसान नेता मौजूद रहे।





