Ramadan 2026 : आखिरी जुमे पर मस्जिदों में उमड़े अकीदतमंद, विश्व शांति के लिए दुआ में उठे हाथ; उलेमा बोले

Ajeet Kumar | Patna

माह-ए-रमजान के आखिरी जुम्मे यानी अलविदा जुम्मा के मौके पर फुलवारी शरीफ सहित पूरे बिहार की मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अकीदतमंद सुबह से ही मस्जिदों में पहुंचने लगे और नमाज अता कर मुल्क में अमन, चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ मांगी। नमाज के बाद रोजेदारों ने हाथ उठाकर अल्लाह की बारगाह में पूरी दुनिया में अमन-चैन और विश्व शांति के लिए दुआ मांगी। उन्होंने दुआ की कि जहां-जहां युद्ध और हिंसा हो रही है, वह समाप्त हो जाए, ताकि इंसानियत और मानवता की हिफाजत हो सके। माह-ए-रमजान के अलविदा जुम्मा की नमाज में खुशी और गम दोनों का माहौल देखने को मिला। एक तरफ बरकतों और रहमतों से भरे रमजान के रुख़्सत होने का वक्त था, जिसे लेकर कई रोजेदारों की आंखें नम दिखाई दी। वहीं दूसरी तरफ ईद-उल-फितर के करीब आने की खुशी भी लोगों के चेहरों पर साफ झलक रही थी। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिले और दुआओं के साथ ईद की मुबारकबाद दी।

फुलवारी शरीफ के प्रसिद्ध खानकाह-ए-मुजिबिया के अलावा छोटी खानकाह, काजी नगर कॉलोनी, अहमद कॉलोनी, मिन्हाज नगर, शाही संगी मस्जिद, मिल्लत कॉलोनी, बौली, महत्वाना, नोहसा मस्जिद, लाल मियां की दरगाह, मिलकियाना, ईसापुर, कुर्बान मस्जिद, नूरी मस्जिद, फेडरल कॉलोनी पुरानी मस्जिद, खलीलपुरा, सब्जपुरा, नया टोला, बोली मोहल्ला, कर्बला, गुलिस्तान महल्ला, मिल्लत कॉलोनी, परसा बाजार, अब्दुल्लाह चक, जानीपुर, अकबरपुर, बेउर और भुसौला दानापुर समेत आसपास के इलाकों की मस्जिदों में अलविदा जुम्मा की नमाज़ अदा करने के लिए रोज़ेदारों की बड़ी तादाद उमड़ी। इसके अलावा राजधानी पटना के मुस्लिम बहुल इलाकों की मस्जिदों में भी अलविदा जुम्मा की नमाज पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गयी। पटना हाईकोर्ट मस्जिद, पटना जंक्शन स्थित जामा मस्जिद, सब्जीबाग, पीर दमड़िया, फकीरबाड़ा, सुल्तानगंज, राजा बाजार, समनपुरा, शेखपुरा, हमीदपुर कुर्जी, बांस कोठी, संगम कॉलोनी, मैनपुरा, दुजरा, लालकोठी दानापुर, सुल्तानपुर, सगुना मोड़, छोटी खगौल, बड़ी खगौल, जमालुद्दीन चक, दीघा, चितकोहरा, पहाड़पुर और अनीसाबाद समेत कई मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। राजधानी पटना की तरह ही भागलपुर, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा सहित अन्य जिलों में भी रोजेदारों ने आखिरी जुम्मे की नमाज अदा की।

अलविदा जुम्मा को लेकर शहर की कई मस्जिदों में खास इंतजाम किए गए थे। नमाज से पहले उलेमाओं ने रमजान की फजीलत, रोजेदारों की अहमियत और इंसानियत व भाईचारे का पैगाम दिया। नमाज के दौरान रोजेदारों ने देश और दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी सौहार्द के लिए दुआ मांगी। अलविदा जुम्मा के अवसर पर मस्जिदों के आसपास सुरक्षा और व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और पुलिस की टीम मुस्तैद रही तथा पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी गयी थी, ताकि नमाज अदा करने आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। नमाज के बाद लोगों में खास रूहानी माहौल देखने को मिला और अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को दुआओं के साथ आने वाली ईद की मुबारकबाद भी दी।

फुलवारी शरीफ में आखिरी जुमे पर नमाज अदा करते अकीदतमंद

बहरहाल, रहमतों व नेमतों की बारिश का मुकद्दस महीना माह-ए-रमजान अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। रोजेदारों ने नम आंखों से अल्लाह की बारगाह में सजदा करते हुए मस्जिदों में नमाज-ए-अलविदा अदा की। अलविदा के इस जुमे को छोटी ईद भी कहा जाता है। अलविदा नमाज के साथ ही ईद-उल-फितर के करीब आने की खुशी रोजेदारों में साफ झलकने लगती है। नमाज अदा करने के दौरान मस्जिदों में बुजुर्गों, नौजवानों के साथ-साथ छोटे बच्चों की भी अच्छी-खासी मौजूदगी देखने को मिली। नमाज के बाद रोज़ेदारों ने हाथ उठाकर अल्लाह से मुल्क और राज्य की तरक्की, सुख-समृद्धि, अमन-चैन और भाईचारे के कायम रहने की दुआ मांगी। दोपहर बाद शहर के कई इलाकों में अलविदा का काफिला भी निकाला गया, जिसमें ‘अलविदा माहे रमजान अलविदा, अलविदा शहरुल रमजान अलविदा’ की सदाएं गूंजती रहीं। अलविदा नमाज के बाद दिए गए खुतबे में उलेमाओं ने कहा कि रमजान का आखिरी जुमा यह याद दिलाता है कि रहमतों और बरकतों से भरा यह मुबारक महीना अब हमसे जुदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंसानियत, रहमदिली और मोहब्बत का जो पैगाम रमजान हमें देकर जा रहा है, उसे अपने दिलों में हमेशा के लिए बसाना चाहिए। अल्लाह की रहमतों के नूर को अपने दिल में इस तरह सजाओ कि उससे दूसरों के दिल भी रौशन हो सकें। उलेमाओं ने लोगों से कहा कि रमजान के आखिरी अशरे के बचे हुए दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगें और जरूरतमंदों की मदद करें। वहीं इस पाक माह के अंतिम जुमे पर नमाजियों ने खुदा से दुआ की कि उनके शहर और मुल्क को हर तरह की परेशानियों और दिक्कतों से दूर रखे तथा देश में हमेशा अमन-शांति, तरक्की और आपसी भाईचारा कायम रहे।