Mukhiyajee Reporter | Patna
जदयू के वरिष्ठ नेता और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। सोमवार देर रात उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। नीरज कुमार पहले से हृदय संबंधी परेशानी से जूझ रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि उनके परिजनों के मुताबिक उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। उनकी तबीयत ऐसे समय बिगड़ी है, जब पटना स्नातक चुनाव को लेकर जदयू के भीतर राजनीतिक खींचतान चर्चा में है। इधर जानकारी मिलते ही आज मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी उन्हें देखने अस्पताल पहुंचे।



जानकारी के अनुसार, नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के पीछे दवा समय पर नहीं ले पाने की बात सामने आयी है। परिजनों के मुताबिक, फास्टिंग के कारण वह निर्धारित समय पर अपनी दवा नहीं ले सके थे। इसके बाद उन्हें असहज महसूस हुआ और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। नीरज कुमार को पहले से हृदय संबंधी समस्या रही है, इसलिए उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गयी थी, फिलहाल, परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। उनकी सेहत को लेकर आगे की जानकारी अस्पताल की ओर से जारी होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
दरअसल, नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने की खबर ऐसे वक्त आयी है, जब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी माहौल गर्म है। इस चुनाव में नीरज कुमार को अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अनंत सिंह खुले तौर पर जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वह कई बार नीरज कुमार को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। दूसरी ओर, नीरज कुमार भी चुनावी सभाओं में बिना नाम लिए अपने विरोधियों पर निशाना साध चुके हैं. इस घटनाक्रम ने जदयू के अंदरूनी मतभेदों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

दूसरी ओर नीरज कुमार का यह बयान कि ‘मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं’, सियासी गलियारे में काफी चर्चा में है। चुनावी सभा के दौरान नीरज कुमार ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह जनता के बीच न्याय मांगने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या वह अपराधी या गुंडे हैं, जो बार-बार उनके चरित्र पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके नीरज कुमार ने कहा था कि वह डरने वाले नहीं, बल्कि अड़ने वाले हैं। उन्होंने जनता से अपील की थी कि लोग उन्हें दशकों से जानते हैं और उनके आचरण के बारे में खुद फैसला करें. नीरज कुमार ने यह भी कहा था कि उन्हें गालियों से फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला उन्हें बर्दाश्त नहीं है। बता दें कि नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद की जड़ पुराने राजनीतिक मतभेदों से जुड़ी है। अनंत सिंह का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने उनके खिलाफ प्रचार किया था। उन्होंने दावा किया था कि चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया गया, लेकिन उस समय पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। अनंत सिंह ने सवाल उठाया कि यदि पार्टी में अनुशासन के नियम हैं, तो उन्हें सभी नेताओं पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा था कि वह उनका सम्मान करते हैं। इसके बावजूद नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने के बजाय उन्होंने जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का साथ देने का फैसला किया।

बहरहाल, जदयू के दोनों नेताओं के बीच विवाद को शांत कराने के लिए केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने हस्तक्षेप किया था। बीते 5 अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने उनकी शिकायतों का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि अनंत सिंह को पुराने चुनाव के दौरान अपने खिलाफ प्रचार किए जाने पर आपत्ति थी। ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई से चूक हुई थी। उन्होंने अनंत सिंह से सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की अपील भी की थी। हालांकि, इसके बाद भी अनंत सिंह का रुख नहीं बदला और वह अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते रहे हैं। अब उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर के बीच पटना स्नातक चुनाव और जदयू के अंदर जारी राजनीतिक विवाद पर सबकी नजर बनी हुई है। इसी बीच, मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही सियासी गलियारे में मैसेज भी दिया कि एनडीए उनके साथ है। (इनपुट वरीय पत्रकार कमलाकांत पांडेय)







