Mukhiyajee । Patna
नये साल की शुरुआत बिहार के गन्ना किसानों के लिए इस बार ईख की मिठास के साथ हुई है। खेतों में लहलहाती गन्ने की फसल अब किसानों की आमदनी में भी मिठास घोलेगी। राज्य सरकार ने किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य में 15 से 20 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नयी दर पेराई सत्र 2025-26 से प्रभावी होगी। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार की अध्यक्षता में 8 जनवरी (गुरुवार) को उनके कार्यालय कक्ष में बैठक आयोजित हुई, जिसमें यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, ईख आयुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त ईख आयुक्त जय प्रकाश नारायण सिंह सहित राज्य के सभी चीनी मिलों के मालिक शामिल रहे।


किसानों की लगातार उठती मांगों और मिल मालिकों के साथ हुए संवाद के बाद नयी दरों पर सहमति बनी। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल फसल उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय को दुगुना करना है। खासकर गन्ना किसानों की आय में स्थायी मिठास घोलना है। उन्होंने बताया कि गन्ना मूल्य वृद्धि को लेकर मिल मालिकों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं और तीसरी बैठक में सर्वसम्मति से इस फैसले पर मुहर लगी। नयी दरों के अनुसार, उत्तम प्रभेद के गन्ने का मूल्य 365 रुपये से बढ़ाकर 380 रुपये प्रति क्विंटल, सामान्य प्रभेद का मूल्य 345 रुपये से बढ़ाकर 360 रुपये प्रति क्विंटल तथा निम्न प्रभेद के गन्ने का मूल्य 310 रुपये से बढ़ाकर 330 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित सभी श्रेणी के गन्ने पर 10 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान की योजना पहले की तरह जारी रहेगी। इस प्रकार कुल भुगतान के रूप में गन्ना किसानों को उत्तम प्रभेद के लिए 390 रुपये, सामान्य प्रभेद के लिए 370 रुपये और निम्न प्रभेद के लिए 340 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि मिलेगी। सरकार के इस फैसले से बिहार के गन्ना किसानों के जीवन में ईख की मिठास और भरोसे की नयी फसल उगने की उम्मीद जतायी जा रही है। मालूम हो कि राज्य में नये सिरे से सरकार 25 चीनी मिलों को खोलने का पहले ही निर्णय ले चुकी है। बंद मिलों को भी शुरू किया जा रहा है। रीगा में बंद चीनी मिल को शुरू कर भी दिया गया है।




