गोढ़वा बसमनपुर पैक्स : धान अधिप्राप्ति पर जांच के आदेश, 18 मार्च को अगली सुनवाई

Mukhiyajee Reporter | Patna
पैक्स का यह मामला मोतिहारी जिला से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2024-25 में गोढ़वा बसमनपुर पैक्स द्वारा धान अधिप्राप्ति में कथित रूप से अनियमितताओं को लेकर दायर अपील पर 20 फरवरी को सुनवाई हुई। इस पर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। अपीलार्थी मुखिया राजू बैठा ने राशनकार्ड धारियों और भूमिहीनों से धान खरीद, जमाबंदी में ऑडिट के जरिए रकबा बढ़ाने तथा अधिप्राप्ति में हेर-फेर का आरोप लगाया है। 20 फरवरी को पारित अंतरिम आदेश में कहा गया कि अपीलार्थी द्वारा उठाए गए बिंदुओं की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी, मोतिहारी को निर्देशित किया जाता है कि वे जांच टीम गठित कर गोढ़वा बसमनपुर पैक्स में वर्ष 2024-25 की धान अधिप्राप्ति से संबंधित सभी किसानों की जांच सुनिश्चित करें। साथ ही जांचोपरांत की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन निर्धारित तिथि पर अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से प्रस्तुत करें।

सुनवाई के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी (मोतिहारी) द्वारा पूर्व में समर्पित प्रतिवेदन पर अपीलार्थी राजू बैठा ने आपत्ति दर्ज करायी है। आदेश में कहा गया है कि अपीलार्थी के आवेदन एवं समर्पित प्रतिवेदन की छायाप्रति जिला पदाधिकारी को उपलब्ध करायी जाए, ताकि जांच बिंदुवार हो सके। इसके अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अल्फाबेटिकल क्रम में चयनित 100 पैक्सों की रैंडम जांच करें। जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि धान की अधिप्राप्ति वास्तविक किसानों से हो रही है या नहीं, तथा कहीं एक ही किसान से बार-बार खरीद तो नहीं की जा रही है। इस संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदन के साथ उन्हें अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित होना होगा।

इससे पूर्व इसी साल 29 जनवरी को अपरिहार्य कारणों से सुनवाई नहीं हो सकी थी। उस दिन निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना को निर्देशित किया गया था कि विभाग के संबंधित नोडल पदाधिकारी को सुनवाई में उपस्थित रहने के लिए नामित करें। साथ ही जिला सहकारिता पदाधिकारी (मोतिहारी) को स्पष्ट मंतव्य सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की गयी है। आदेश में अपीलार्थी को भी साक्ष्य के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में जारी अंतरिम आदेश के बाद सहकारिता तंत्र में हलचल तेज है और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।