Mukhiyajee Reporter | Rajesh Thakur
गणेश चतुर्थी, हरितालिका तीज और चकचंदा (चौरचन पर्व) की पावन बेला पर जब पूरा देश खासकर बिहार से महाराष्ट्र तक चाँद के पूजन और बप्पा के स्वागत में झूम रहा था, तभी आसमान ने भी मानो अपनी तरफ से उत्सव में शामिल होने का फैसला कर लिया। बिहार, झारखंड, यूपी, राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक, हर कोने से लोगों ने अपने सिर उठाकर आकाश की ओर देखा और वहां एक ऐसा नजारा मिला, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। चांद की पतली कोर और उसके ठीक बगल में जगमगाता शुक्र ग्रह, मानो दो पुराने दोस्त बरसों बाद मिले हों। लेकिन मुंगेर के खड़गपुर में तो यह दृश्य और भी खास हो गया। यहां तो चांद और शुक्र इतने करीब नजर आए कि देखने वालों को लगा जैसे आसमान में दोनों ने प्रेम भरा आलिंगन कर रखा हो। इस अद्भुत नजारा देखकर बिहार में तो लोग भूल गए कि चकचंदा पर चाँद नहीं देखने का प्रचलन है। जब यह खगोलीय नजारा एक ही फ्रेम में कैद हुआ, तो हर किसी के चेहरे पर एक अलग ही सुकून और श्रद्धा का भाव उतर आया। मोबाइल कैमरे लगातार क्लिक होते रहे, स्टेटस अपडेट होते रहे, और आसमान की यह दोस्ती व आलिंगन इंसानों के दिलों तक उतर आया।

कई मायनों में महत्वपूर्ण हो गया 14 सितंबर : दरअसल, आज 14 सितंबर कई मायनों में महत्वपूर्ण हो गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज से महाराष्ट्र में जहां 10 दिनों का गणेशोत्सव शुरू हुआ है, वहीं बिहार में हरितालिका तीज और चौरचन पर्व की धूम रही। गणेश चतुर्थी पर बिहार के गांव-गांव में बप्पा की मूर्तियां स्थापित की गयी हैं। इसी तरह, हरितालिका तीज पर विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। दूसरी ओर, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं चौरचन पर्व करती हैं। यह पर्व बिल्कुल छठ व्रत की तरह होता है। झारखंड के पलामू स्थित मेदिनीनगर से एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि तीज और गणेश चतुर्थी व्रत के दिन आसमान में एक बेहद खूबसूरत खगोलीय नजारा देखने को मिला। शाम ढलते ही पश्चिमी आकाश में पतला अर्धचंद्र दिखाई दिया और उसके ठीक पास एक बेहद चमकीला तारा जैसी रोशनी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने लगी। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए लोगों ने घरों की छतों, बालकनी और खुले मैदानों से आसमान निहारा। खास बात कि आसमान साफ रहने की वजह से यह नजारा साफ दिख रहा था। इस अद्भुत दृश्य को देखकर लोगों ने इसे प्रकृति का सुंदर उपहार बताया।






विषहरी स्थान के निकट रहने वाले रोहित ने मोबाइल में किया कैद : खास बात कि बिहार की राजधानी पटना से लेकर मिथिलांचल और अंगप्रदेश तक जहां चाँद और चमकीला तारा एकदम पास-पास दो दोस्त की तरह मिल रहे थे, लेकिन मुंगेर के हवेली खड़गपुर में तो दोनों आलिंगनबद्ध दिख रहे थे। इस तस्वीर को विषहरी स्थान के निकट रहने वाले रोहित ने मोबाइल में कैद किया और मुखियाजी डॉट कॉम को भेजा। उन्होंने बताया कि चौरचन पूजा को लेकर वे लोग छत पर थे। उनकी माँ यह पर्व करती हैं। इस पर्व में भगवान चंद्रदेव को अर्घ्य दिया जाता है। ऐसे में वे लोग चाँद के उदित होने का इंतजार कर रहे थे। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व पर परवैतिन को छोड़कर बाकी लोगों को चाँद देखने की मनाही है। बाकी लोगों के देखने पर उन्हें भगवान गणेश का शाप लगने की बात कही जाती है। लेकिन आकाश में अद्भुत नजारा जब दिखा था, भला इस डिजिटल युग में कोई माने। और ऐसा ही हुआ, जिसकी नजर पड़ी, उसने इस खगोलीय नजारा को मोबाइल में कैद कर लिया। इसी तरह की बातें पटना, एकमा, सुपौल, दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर ही नहीं महाराष्ट्र के नागपुर, राजस्थान के जयपुर, यूपी के बनारस से भी लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखी।
काफी मनोहारी लग रहा था यह खगोलीय नजारा : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह खगोलीय नजारा चांद और शुक्र का है, जो काफी मनोहारी लग रहा था। दृश्य लोगों को देखने को मिला। खगोलशास्त्र की भाषा में इस घटना को चंद्र-शुक्र युति कहा जाता है। वास्तव में चांद और शुक्र ग्रह के बीच बहुत बड़ी दूरी है, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे पास-पास होने का आभास देते हैं। गणेशोत्सव और चौरचन पर्व की पृष्ठभूमि में आकाश के इस मनोहारी दृश्य ने लोगों का ध्यान खींचा। बहरहाल, जेन-जी के युवाओं ने मोबाइल से इसकी फोटो ली और वीडियो में अपनी स्टेटस पर लगाया। बहरहाल, आकाश में चंद्रकोर और उसके बगल में शुक्र ग्रह दिखाई देने की वजह से यह लोगों में कौतूहल का विषय बन गया।








