Mukhiyajee Reporter | Patna
बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश अपने आवास से पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे और इसके जरिए ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का मजबूत संदेश दिया। दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी और गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार टोटो (ई-रिक्शा) से सचिवालय पहुंचे और वहां से भाजपा मुख्यालय आए। इतना ही नहीं, नो व्हीकल डे को लेकर शुक्रवार को कई विभागों के वरीय अधिकारी साईकिल से ही दफ्तर पहुंचे और उनके सुरक्षा गार्ड दौड़ते हुए उन्हें सुरक्षा कवर में रखे हुए थे। बता दें कि इसी सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर देशवासियों से अपील की थी। इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ के समर्थन की बात कही थी। अब उसी पहल को जमीन पर मंत्री, नेता से लेकर अधिकारी तक उतार रहे हैं।

कार्यालय पहुंचने के दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश जेठ की तपती दुपहरिया में एक किलोमीटर की दूरी तय कर न केवल पैदल कार्यालय पहुंचे, बल्कि उन्होंने अधिकारियों, कर्मियों और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि निजी वाहनों का उपयोग केवल जरूरत पड़ने पर ही करें। सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन, पैदल चलने, साइकिल या ई-वाहनों के उपयोग की आदत विकसित करनी चाहिए। उनका कहना था कि छोटी-छोटी आदतें ही बड़े बदलाव की नींव बनती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया इस समय कई चुनौतियों से गुजर रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट की आशंका बनी हुई है, वहीं तेजी से हो रहा जलवायु परिवर्तन और बदलती जीवनशैली मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है। ऐसे समय में पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करना सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुकी है।
दूसरी ओर, राज्य के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी सरकारी गाड़ी छोड़ टोटो (ई-रिक्शा) से सचिवालय पहुंचे। उनके साथ गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार भी मौजूद थे। दोनों जनप्रतिनिधियों को टोटो से सचिवालय पहुंचते देख राहगीरों से लेकर सरकारी महकमे तक में इसकी चर्चा शुरू हो गयी। जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पहले टोटो से सचिवालय पहुंचे, जहां जरूरी कार्यों के बाद वे भाजपा मुख्यालय गये और फिर वहां से आवास के लिए रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ विधान पार्षद जीवन कुमार भी थे। दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और वैकल्पिक संसाधनों को बढ़ावा देना अब केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का विषय है।

बाद में विधान पार्षद जीवन कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह सादगी और संकल्प का सफर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी के साथ ई-रिक्शा से सफर कर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचा। वहां पार्टी की ताकत, अपने ‘देवतुल्य कार्यकर्ताओं’ के साथ बैठकर आत्मीय संवाद किया और नयी ऊर्जा का संचार महसूस किया। बहरहाल, नो व्हीकल डे को लेकर मंत्री, नेता से लेकर अधिकारी व सुरक्षा गार्ड तक पेट्रोल-डीजल की बचत करने का मैसेज दिया। वे साईकिल से लेकर पैदल तक सफर कर कार्यालय गए। बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी आज अपने सरकारी आवास से सचिवालय पैदल ही गये थे। उनके साथ उनके सुरक्षा गार्ड भी पैदल ही दफ्तर पहुंचे। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अपने रोज के वाहनों में भी कटौती की है और खुद इलेक्ट्रिक कार से इन दिनों सफर कर रहे हैं।






