Mukhiyajee Reporter | Patna
बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ ने पंचायत प्रतिनिधियों के संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने के लिए नयी रणनीति तैयार कर ली है। संगठन में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े प्रखंड अध्यक्षों और पदाधिकारियों को अब चिन्हित कर उनकी समीक्षा की जाएगी। इसके लिए राज्यस्तर पर एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी। यह कमिटी जिले और प्रखंडों में संगठन की गतिविधियों का आकलन करेगी। मुखिया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने बताया कि गुरुवार 10 सितंबर से प्रमंडलवार समीक्षा बैठकों की शुरुआत होगी। पटना के दारोगा प्रसाद राय ट्रस्ट भवन में मगध और पटना प्रमंडल के विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्ष, प्रखंड अध्यक्ष और सक्रिय मुखिया प्रतिनिधियों की बैठक बुलायी जाएगी। इसमें वित्त आयोग, पंचायती राज संस्थाओं के अधिकार और ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने की भी योजना बनायी गयी है। VB-G RAM G योजना के क्रियान्वयन, प्रक्रिया और विभिन्न प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर योजनाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं को समझकर उनका समाधान निकाला जाएगा। साथ ही हर प्रखंड में मासिक बैठक अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है, ताकि प्रशासनिक समन्वय और राज संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर नियमित चर्चा हो सके। महासंघ ने कमजोर जिलों और प्रखंडों की पहचान कर वहां संगठन को पुनर्गठित करने और सक्रिय पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने पर भी विशेष जोर दिया है। वे स्वयं भी प्रखंड स्तर तक दौरा कर संगठन की गतिविधियों को गति देंगे। उन्होंने बताया कि उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की आवाज को मजबूत करना और त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त बनाना है।

बहरहाल, इसमें कोई शक नहीं कि निष्क्रिय पदाधिकारियों की पहचान और नियमित समीक्षा से संगठन में नयी ऊर्जा आएगी और मांगों को मजबूती से उठाया जा सकेगा। बता दें कि पंचायत प्रतिनिधियों के संगठनों की मांग पर ही आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने चुनाव से पहले पंचायतों के परिसीमन कराने का बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया। इतना ही नहीं, मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय और पंच-सरपंच संघ के अध्यक्ष अमोद कुमार निराला के नेतृत्व में पूरे बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए धन्यवाद यात्रा निकाली गयी। इसके अलावा ग्रामीण बैंकों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं।








