Bihar Budget Sessoin 2026 : सरकार की ओर से विजय सिन्हा का जवाब, भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता पर जोर

Rajesh Thakur । Patna
बिहार विधानसभा में आज शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आय-व्यय पर कटौती प्रस्ताव के दौरान सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भूमि प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों गरीब, महिला और युवाओं को आवास व आजीविका के लिए भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 2,190 करोड़ 15 लाख 10 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर निर्धारित अवधि में लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कार्यवाही कर रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल उपलब्धि हासिल करना नहीं, बल्कि सर्वांगीण विकास, एकरूप न्याय और कुशल प्रशासन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक संसाधन पहुंचाना है। उन्होंने दोहराया कि सबका साथ, सबका विकास ही सरकार की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 537 अंचलों में ऑनलाइन दाखिल-खारिज का निष्पादन किया जा रहा है। अब तक कुल 1 करोड़ 47 लाख 20 हजार 235 आवेदन दायर किए गए, जिनमें से 1 करोड़ 44 लाख 76 हजार 884 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। यह कुल आवेदनों का 98.35 प्रतिशत है।

उपमुख्यमंत्री ने जमाबंदी के डिजिटाइजेशन पर बल देते हुए कहा कि रिकॉर्ड को आम जनता के अवलोकन के लिए विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ऑनलाइन प्रकाशित जमाबंदी पंजी में अशुद्धियों के सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। डिजिटाइज्ड जमाबंदी से संबंधित लगभग 24 लाख 32 हजार 628 शिकायतों में से 20 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों का निष्पादन प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार, डिजिटल जमाबंदी में छूटी प्रविष्टियों से संबंधित 11 लाख 78 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से लगभग 9 लाख 44 हजार मामलों का समाधान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र के लिए अब तक 20 लाख 66 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश का निष्पादन किया जा चुका है। विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं को सार्वजनिक उपयोग के लिए 770.56 एकड़ सरकारी भूमि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि चकबंदी योजना को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 1958 में शुरू हुई चकबंदी योजना को वर्ष 2004 में पुनः प्रारंभ किया गया। वर्तमान में 5,439 गांवों को चकबंदी अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत अधिसूचित किया जा चुका है। उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में राज्यव्यापी क्रियान्वयन की प्रक्रिया जारी है।

कार्मिक स्थिति पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार अमीन के कुल 2,502 स्वीकृत पदों में 1,199 पद कार्यरत हैं। शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2025 में 765 पदों के लिए अधियाचन सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए बिहार राजस्व सेवा नियमावली के तहत विभिन्न श्रेणी के पदों राजस्व अधिकारी, अंचलाधिकारी, भूमि उपसमाहर्ता, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता (जमाबंदी) के सृजन और सुदृढ़ीकरण का प्रावधान किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि भूमि सुधार और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों को त्वरित और भ्रष्टाचारमुक्त सेवा उपलब्ध कराना ही विभाग की प्रमुख प्रतिबद्धता है।