नरक चतुर्दशी का दुर्लभ संयोग शनिवार को, यम दीपदान के साथ संकटमोचन हनुमान की विशेष पूजा का अद्भुत महत्व

Rajesh Thakur | Mukhiyajee News

दीपावली के पंचपर्व की दूसरी कड़ी नरक चतुर्दशी इस बार आज शनिवार को पड़ी है। इसे छोटी दिवाली, काली चौदस और यम दीपक के नाम से भी जाना जाता है। कई वर्षों बाद शनिवार के दिन नरक चतुर्दशी का संयोग बना है। शनिवार को पवनपुत्र हनुमान की उपासना के लिए खास माना जाता है, इसलिए श्रद्धालुओं में इस बार उत्साह कुछ ज्यादा है। मान्यता है कि नरक चतुर्दशी पर हनुमान जी की पूजा करने से संकट दूर होते हैं और नरक के भय से मुक्ति मिलती है। पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह करीब 10 बजकर 49 मिनट से शुरू हुई है और 8 नवंबर की सुबह करीब 11 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। शाम के प्रदोष काल में चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को ही मिल रही है। इसी कारण यम दीपदान, हनुमान पूजा और काली चौदस की पूजा आज होगी। इसी तरह, अभ्यंग स्नान उदयातिथि के अनुसार 8 नवंबर को सूर्योदय से पहले किया जाएगा।

पटना में आज सूर्यास्त शाम करीब 5 बजकर 3 मिनट पर होगा। प्रदोष काल शाम करीब 5 बजकर 3 मिनट से रात 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इसी अवधि में यमराज के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है। घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीप रखा जाता है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। हनुमान पूजन के लिए निशीथ काल यानी मध्यरात्रि का समय भी उत्तम माना गया है, जो पटना में रात करीब 11 बजकर 6 मिनट से 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इसी तरह आसपास के जिलों में समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

पूजा-विधि के अनुसार भक्त हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करते हैं। भोग में बूंदी के लड्डू, गुड़-चना या देसी घी का चूरमा चढ़ाया जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा का 7, 11 या 21 बार पाठ करने की परंपरा है। साथ ही बजरंग बाण और संकटमोचन हनुमानाष्टक का गायन भी किया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि हनुमान जी की भक्ति से भय, बाधा और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। रविवार की सुबह अभ्यंग स्नान के दौरान अपामार्ग यानी चिरचिटा के पौधे को सिर के ऊपर से सात बार घुमाने की मान्यता है। कहा जाता है कि इससे नरक के भय से मुक्ति मिलती है और शरीर निरोगी रहता है। शनिवार का दिन होने से आज मंदिरों में हनुमान जी के दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।