छठ महापर्व के लिए जब बचपन में हरिवंश ने किया था भिक्षाटन, भैरव लाल दास बोले- यह पहली प्रदर्शनी

Mukhiyajee Reporter | Patna

इंटैक (INTACH) द्वारा आयोजित ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि छठ हमारी महत्वपूर्ण अमूर्त सांस्कृतिक विरासत है और अब इसका वैश्विक प्रसार हो चुका है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व में भारत की सांस्कृतिक और सनातन परंपरा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। छठ से जुड़ी अपनी व्यक्तिगत यादें साझा करते हुए उन्होंने बताया कि बचपन में उन्होंने छठ के लिए भिक्षाटन किया है। इंटैक के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ‘अर्घ्य’ प्रदर्शनी से प्रधानमंत्री के उस प्रयास को समर्थन मिलेगा, जिसके तहत छठ को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) की सूची में स्थान दिलाने की पहल की जा रही है।

स्वागत संबोधन में इंटैक के अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1984 में स्थापित इंटैक का मुख्य उद्देश्य भारत की मूर्त एवं अमूर्त विरासतों का संरक्षण करना है। इंटैक बिहार चैप्टर के कन्वेनर भैरव लाल दास ने कहा कि छठ को आधार बनाकर लगायी गयी यह पहली प्रदर्शनी है। इसमें बिहार की सभी कला विधाओं को स्थान दिया गया है, जिनमें कंटेंपरेरी, पटना कलम, मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा, टिकुली, भोजपुरी, सुजनी, क्रोशिया, टेराकोटा और वैद्यनाथ पेंटिंग शामिल हैं। धन्यवाद ज्ञापन इंटैक के सदस्य सचिव रविंद्र सिंह ने किया।

इस अवसर पर प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी ने छठ गीत गाते हुए प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने गीतकार हृदय नारायण झा के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। प्रदर्शनी की क्यूरेटर मनीषा झा और अलका दास ने बताया कि इसमें 53 कलाकारों के समूह की लगभग 78 कलाकृतियां प्रदर्शित की गयी हैं। इंटैक की बिंदु मनचंदा ने कहा कि दिल्ली के कला मर्मज्ञों में प्रदर्शनी को लेकर काफी उत्साह है, जिससे आयोजकों को प्रसन्नता हुई है। यह प्रदर्शनी 1 अक्टूबर तक चलेगी।