Mukhiyajee Reporter | Rajesh Thakur
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बिहार में बाढ़ की स्थिति की निगरानी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बाढ़ मॉनिटरिंग के लिए बनाए गए कमांड सेंटर को अब सीधे CM डैशबोर्ड से लिंक किया जाएगा, ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से भी राहत एवं बचाव कार्यों पर सीधी नजर रखी जा सके। इस पहल के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ताजा स्थिति, राहत सामग्री के वितरण, बचाव अभियानों की प्रगति और संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी अब रियल-टाइम आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँचेगी। इससे जिला प्रशासन और राज्य स्तर के बीच समन्वय बेहतर होगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लिए जा सकेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाने में देरी की गुंजाइश भी कम होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की सीधी निगरानी से जिलों में तैनात अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। सरकार का उद्देश्य है कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में सूचनाओं का प्रवाह तेज और निर्बाध बना रहे, जिससे राहत कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से पूरे किए जा सकें। दरअसल, बिहार में गंगा, गंडक, पुनपुन, दरधा सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे राज्य के कई जिलों में नए इलाके जलमग्न हो गए हैं। पटना के गांधी घाट और मोकामा के हथीदह में गंगा नदी के अपने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने की आशंका जतायी जा रही है, वहीं भोजपुर, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जैसे जिलों में भी नदी किनारे और निचले इलाकों में हालात संवेदनशील बने हुए हैं।

बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी लगातार बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भागलपुर, राघोपुर दियारा और कोसी-सीमांचल क्षेत्र समेत कई प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर जलस्तर, तटबंधों और राहत-बचाव कार्यों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान वरीय अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक हर संभव सहायता समय पर पहुंचे और जान-माल की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बाढ़ की स्थिति की मॉनिटरिंग के लिए बनाए गए कमांड सेंटर को अब सीधे CM डैशबोर्ड से लिंक किया जाएगा। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासनिक कार्रवाई की नियमित निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से भी सुनिश्चित की जाएगी।
बहरहाल, मुख्यमंत्री की पहल पर इस नयी व्यवस्था से जिला प्रशासन और राज्य स्तर के बीच समन्वय और मजबूत होगा तथा रियल-टाइम जानकारी के आधार पर तुरंत निर्णय लिए जा सकेंगे। नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण बिहार की नदियों पर दबाव और बढ़ने की आशंका है, ऐसे में सरकार का मानना है कि कमांड सेंटर और CM डैशबोर्ड की यह सीधी लिंकिंग आने वाले दिनों में राहत कार्यों को और तेज व प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।









