Mukhiyajee Reporter | Rajesh Thakur
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक गांधी मैदान में परेड की सलामी लेने के बाद ध्वजारोहण किया। इस मौके पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 करोड़ बिहारवासियों की ऊर्जा, किसानों एवं उद्यमियों की मेहनत तथा माताओं-बहनों के संकल्प से भारत विकसित देश बनेगा और बिहार भी समृद्ध प्रदेश के रूप में उभरेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास मॉडल को आगे बढ़ाते हुए सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, औद्योगिक निवेश, पर्यटन और रोजगार के साथ-साथ महिला सुरक्षा एवं पुलिस आधुनिकीकरण जैसे क्षेत्र भी शामिल रहे। साथ ही उन्होंने विद्यार्थी सहयोग पोर्टल, परीक्षा सुधार समिति, नई चीनी मिलों, सैटेलाइट टाउनशिप और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सहित कई नई घोषणाएं भी कीं। गाँधी मैदान में 13 विभागों की ओर से झांकी निकाली गयी। इसके पहले मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर भी झंडोत्तोलन किया। बाद में वे पटना के धनरुआ प्रखंड स्थित नदवाँ महादलित टोला में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय वयोवृद्ध जुगेश्वर मांझी ने तिरंगे को फहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदवाँ के समग्र विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पंचायत सरकार भवन एवं कन्या विवाह मंडप के निर्माण सहित उच्च विद्यालय के खेल मैदान के जीर्णोद्धार की योजनाओं को स्वीकृति दी गयी। नदवाँ हाई स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। पढ़िए गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के संबोधन की 10 प्रमुख बातें।





- सहयोग शिविर से जन शिकायत निवारण : मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाने के उद्देश्य से हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। वहां आम नागरिक अपनी शिकायतें प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। शिकायतों के निपटारे के लिए 30 दिन की सख्त समय-सीमा तय की गई है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर चरणबद्ध कार्रवाई होती है। अब तक 17,773 अधिकारियों को पहला, 860 को दूसरा और 48 को तीसरा स्पष्टीकरण जारी हो चुका है। इस सख्ती के चलते कुल 6.46 लाख आवेदनों में से 95 प्रतिशत का सफल निष्पादन हो चुका है। शेष मामलों के लिए राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम और हर महीने के अंतिम रविवार पंचायत विकास दिवस मनाने की व्यवस्था भी शुरू की गयी है, ताकि गांव स्तर पर विकास को गति मिले। इतना ही नहीं, 75+ वाले बुजुर्ग महिला-पुरुष के लिए घर बैठे जमीन बिक्री की सुविधा दी जा रही है। उनके घर पर ही जमीन रजिस्ट्री के लिए अधिकारी पहुंच जाएंगे।
- महिला सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण : अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता बताया। इमर्जेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत 1,833 आपातकालीन वाहनों के माध्यम से औसतन 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस, पुलिस, अग्निशमन, हाईवे पेट्रोलिंग, डिजास्टर रिस्पॉन्स और महिला-बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिहार ‘सुरक्षित सफर सुविधा योजना’ शुरू करने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। सभी थाना क्षेत्रों में ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन किया गया है और अब तक 855 थानों में 24 घंटे कार्यरत महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस दीदी को स्कूटी देने का निर्णय लिया गया है ताकि उन्हें स्कूल-कॉलेजों के बाहर और सार्वजनिक स्थलों पर तैनात किया जा सके।
- ऐतिहासिक बजट और औद्योगिक निवेश : मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 590 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इसमें आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। जून तक के कुल राजस्व संकलन में बिहार ने 16.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो जीएसटी प्रणाली में राज्य के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 में संशोधन और विस्तार किया गया है तथा बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 शुरू की गयी है। राज्य में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र और करीब 10,000 एकड़ औद्योगिक भूमि उपलब्ध है। हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु 14,600 एकड़ नयी भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी गयी है, जिसका लक्ष्य 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है।
- गन्ना किसान और ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति : गन्ना किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार 25 नयी चीनी मिलों की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें से 10 शुरू हो चुकी हैं और अगले 6 महीनों में 5 और चालू होंगी। ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है। पहले 350 मेगावाट खपत होती थी, जो अब बढ़कर 9,475 मेगावाट की अधिकतम मांग तक पहुंच गयी है, जो अब तक का सर्वाधिक है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 4 लाख 83 हजार बीपीएल परिवारों को मुफ्त रूफटॉप सोलर मिल रहा है और 2027 तक 25 लाख घरों तक इसे पहुंचाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना में उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, वहीं किसानों को बीते एक साल में 1.66 लाख मुफ्त कृषि विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं। कहा जाता है कि गयाजी में फल्गु नदी को माँ सीता का शाप है। लेकिन हमारी सरकार वहां भी पानी की व्यवस्था कर रही है। अब सोन नद को फल्गु से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है।
- 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की स्थापना : सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बसाने का निर्णय लिया है। पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गयाजी में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूरनदेवी, मुंगेर में अंग, मुजफ्फरपुर में तिरहुत, छपरा में सारण, भागलपुर में विक्रमशिला, सीतामढ़ी में सीतापुरम और रोहतास के डेहरी में सैटेलाइट सिटी बनेगी। इन नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि सड़क, बिजली, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का समुचित विस्तार सुनिश्चित हो सके। इस पूरी परियोजना के लिए एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण हेतु HUDCO के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- एक्सप्रेस-वे, कॉरिडोर और हवाई संपर्क का विस्तार : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 05 एक्सप्रेस-वे और 06 हाई-स्पीड कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है, जिसमें लगभग 589 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड मार्ग शामिल हैं। हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी बिहार एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। आज राज्य में 04 हवाई अड्डे संचालित हैं, जबकि 06 से अधिक हवाई अड्डों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। सभी जिलों में एयरस्ट्रिप विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, वहीं सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना पर भी काम प्रगति पर है, जिससे आवागमन और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
- शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार : राज्य के कुल बजट का करीब 20 प्रतिशत यानी 66 हजार 676 करोड़ रुपये से ज्यादा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) स्थापित किए गए हैं। शिक्षा विभाग और बीएसईबी द्वारा बिहार स्कूल लाइव क्लासेज और ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत की गयी है। इसके तहत IIT-JEE, NEET जैसी प्रवेश परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग भी दी जा रही है, जिससे लाखों छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है। 15 जुलाई से राज्य के बचे हुए 211 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं, जिनमें पठन-पाठन सुचारू बनाने के लिए 2 हजार 451 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है, जिससे ग्रामीण छात्राओं को घर के पास ही उच्च शिक्षा मिल रही है।
- परीक्षा सुधार समिति और विद्यार्थी सहयोग पोर्टल : मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया जाएगा, वहीं शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने के लिए उच्चस्तरीय समिति भी बनेगी। छात्रों की शिकायतों के त्वरित निवारण हेतु 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू होगा, जो 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करेगा। छात्रों से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए छात्र कल्याण निदेशालय का गठन किया जाएगा। इसके अलावा भागलपुर के कहलगांव में विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के लिए 220 एकड़ भूमि उपलब्ध करायी गयी है, ताकि इसे इसका पुराना गौरव वापस दिलाया जा सके। बेगूसराय में राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर यूनिवर्सिटी खोलने की भी योजना पर काम हो रहा है।
- स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण : सरकार प्रखंड स्तर के 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी हॉस्पिटल तथा जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित कर रही है। दवा आपूर्ति व वितरण में बिहार लगातार 22 महीनों से राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान बनाए हुए है। सरकारी कर्मियों और पेंशनरों के लिए बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना (BGHS) के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जा रही है, वहीं आयुष्मान कार्ड में 5 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध है। 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर पर ही इलाज मिलेगा, जिला अस्पतालों में करीब 36 प्रकार की सर्जरी सुनिश्चित की जाएगी और अनावश्यक रेफरल को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। अगले 3 महीनों में प्रखंड स्तर के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी अनावश्यक रेफरल की समस्या खत्म की जाएगी।
- रोजगार लक्ष्य, सिंचाई और पर्यटन विकास : मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य दोहराया, जिसकी निगरानी के लिए बिहार युवा नीति बनाई जाएगी और स्टेट यूथ कमिशन का गठन होगा। सिंचाई के मोर्चे पर कोसी-मेची लिंक परियोजना पर करीब 6 हजार 282 करोड़ रुपये की लागत से काम जारी है और राज्य में अब 44 लाख हेक्टेयर सिंचित भूमि उपलब्ध है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना शुरू की गई है, जिसके तहत बाल्मीकिनगर, मुंडेश्वरी धाम और राजगीर के लिए हेली सेवा दी जा रही है। साथ ही मोकामा में तिरूपति बालाजी ट्रस्ट द्वारा 10 एकड़ में मंदिर का निर्माण किया जाएगा। पटना में हेलीकॉप्टर जॉय राइड सेवा और नालंदा-बोधगया-राजगीर-वैशाली जैसी विरासत स्थलों को युवा उद्यमिता व हेरिटेज टूरिज्म स्टार्टअप से जोड़ने की योजना का ज़िक्र नहीं है।











