Mukhiyajee Reporter | Rajesh Thakur
आम दिनों में कोई अधिकारी होती हैं, कोई कर्मचारी। कोई सीनियर तो कोई जूनियर। किसी की जिम्मेदारी बड़ी तो किसी की छोटी। लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को बिहार विधानसभा में तस्वीर कुछ ऐसी थी कि पद पीछे छूट गए और देश सबसे आगे आ गया। एक ही परिधान, एक ही रंग, एक ही सुर और एक ही जज्बा। ग्रेड वन से लेकर फोर्थ ग्रेड तक की महिला कर्मी जब तिरंगे के रंग में सजी एक साथ खड़ी हुईं तो विधानसभा परिसर में सिर्फ गीत नहीं गूंज रहे थे, बल्कि देशभक्ति की एक ऐसी तस्वीर बन रही थी, जिसे देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाए।
आजादी के बाद पहली बार बिहार विधानसभा की महिलाकर्मियों की ओर से आयोजित देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। तीन ग्रुप में बंटी महिला कर्मियों ने देशभक्ति गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। हर समूह में 21 महिला कर्मी शामिल थीं। गीतों के सुर जैसे-जैसे आगे बढ़े, सभागार का माहौल भी बदलता गया। कहीं आंखें नम हुईं, कहीं चेहरे पर भावुकता दिखाई दी और कहीं देशभक्ति का जज्बा इतना उमड़ा कि पूरा सभागार ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से गूंज उठा।



इस आयोजन की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि यहां किसी के पद की पहचान नहीं थी। न कोई अधिकारी थी, न कोई सेवादार। न कोई सीनियर थी और न कोई जूनियर। सभी एक ही परिधान में थीं और सभी की पहचान उस वक्त सिर्फ एक थी- देशभक्त बिहारिन। तीनों ग्रुप में शामिल महिला कर्मियों ने अपनी प्रस्तुतियों से यह भी दिखाया कि विधानसभा की चारदीवारी के भीतर अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने वाली इन महिलाओं के भीतर प्रतिभा और देश के प्रति जज्बे की कोई कमी नहीं है। यह प्रतियोगिता भले ही तीन ग्रुपों के बीच थी, लेकिन भावनाओं के स्तर पर मुकाबला किसी से नहीं था। हर समूह की प्रस्तुति में मातृभूमि के प्रति सम्मान और देश के प्रति समर्पण साफ नजर आया।और शायद यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती भी रही, जहां रोजमर्रा की जिंदगी में पद पहचान बनता है, वहां आज देशभक्ति ने सबको बराबर कर दिया था।
तिरंगे के रंग में रंगी सभी महिलाकर्मी जब एक साथ सुर मिलाकर देशभक्ति के गीत गा रही थीं, तो विधानसभा का सभागार सिर्फ एक प्रतियोगिता का मंच नहीं रह गया था। वह कुछ देर के लिए राष्ट्रप्रेम की उस साझा भावना का मंच बन गया था, जहां सबके सुर अलग हो सकते थे, लेकिन गीत एक था- भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात बताता हूं…। दरअसल, 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन स्थित सभागार में देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) सय्यद अता हसनैन, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने स्वागत भाषण में कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और भावनाओं से भरा हुआ है। वहीं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) सय्यद अता हसनैन ने कहा कि देशभक्ति को सम्मान देने के तौर-तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन गीत, नृत्य और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय भावना को जागृत किया जा सकता है।

प्रतियोगिता के दौरान तीनों ग्रुपों (ए, बी और सी) ने एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिसने पूरे सभागार को राष्ट्रप्रेम के रंग में सराबोर कर दिया। इसके साथ ही, ‘जस्ट डांस ग्रुप, गयाजी’ की विशेष नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें क्रमशः ग्रुप- बी प्रथम (गोल्ड मेडल), ग्रुप- ए द्वितीय (सिल्वर मेडल) और ग्रुप- सी (ब्रांज मेडल) के विजेताओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान 16 प्रतिभागियों में से शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए चार प्रतिभागियों को लॉटरी निकालकर नवाजा गया। वहीं अन्य कैटेगरी के तहत प्रत्येक ग्रुप से दो-दो लीड सिंगर को भी पुरस्कृत किया गया। इसमें ग्रुप से मोनिका व अनुप्रिया, ग्रुप बी से गार्गी मिश्रा व अदिति सोनल तथा ग्रुप सी से नीतू कुमारी व सुशीला कुमारी को पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा निर्णायक मंडल के ज्यूरी क्रमशः डॉ. नीतू कुमारी नूतन, पंडित अभिषेक मिश्रा एवं सोमा दास, प्रतियोगिता के दोनों प्रशिक्षक कमलेश एवं सुश्री सिमरन श्रुति सहित आयोजन से जुड़े अन्य सहभागियों को सम्मानित किया गया। उन्हें अंगवस्त्र, नवपौध एवं स्मृति चिह्न प्रदान किये गये। आयोजन के दौरान बिहार विधानसभा की सचिव पूनम सिन्हा, सूचना जनसंपर्क के निदेशक संजय सिंह, उपनिदेशक प्रभात कुमार सहित सभा सचिवालय के तमाम पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इस पूरे सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजन में संदीप जी का अहम रोल रहा।









