मुकेश यादव की पहल से मुरादे पंचायत में जगी पढ़ाई की नयी लहर, मैट्रिक टॉपर्स को प्रतियोगी किताबें देकर पेश की मिसाल

Mukhiyajee Reporter | Patna

बदलते दौर में जहां मोबाइल स्क्रीन ने किताबों की जगह को चुनौती दी है, वहीं मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड की मुरादे पंचायत अंतर्गत रामबिहारीपुर गांव से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल सामने आयी है। यहां वार्ड काउंसलर और भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष मुकेश कुमार यादव ने मैट्रिक परीक्षा 2026 में सफल हुए विद्यार्थियों को न सिर्फ सम्मानित किया, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें भेंट कर एक नयी दिशा देने का प्रयास किया। इस वर्ष पंचायत से 170 से अधिक विद्यार्थियों ने मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसमें शामिल गौरव कुमार पंचायत का टॉपर है और वह पूरे जिले में टॉप टेन में शामिल है। उन्हें भी समारोह में किताब और पेन देकर सम्मानित किया गया। इन सभी सफल छात्रों के लिए आयोजित सम्मान समारोह सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था कि सफलता का अगला पड़ाव अभी बाकी है…।

मैट्रिक के सफल परीक्षार्थियों को सम्मानित करते मुकेश कुमार यादव व अन्य लोग।
रामबिहारीपुर में आयोजित सम्मान समारोह में मंच पर उपस्थित अतिथि।
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सम्मान के साथ संकल्प का उपहार : सम्मान समारोह की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों को ट्रॉफी या सिर्फ प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की उपयोगी किताबें दी गयीं। इसमें सामान्य ज्ञान से लेकर अन्य किताबें शामिल थीं। इस पहल के पीछे का उद्देश्य साफ था- सम्मान के साथ-साथ आगे की तैयारी के लिए ठोस संसाधन भी उपलब्ध कराना। मुकेश कुमार यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे गांव के बच्चे आगे बढ़ें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए सही दिशा भी मिले। किताबें सिर्फ उपहार नहीं, बल्कि इसमें उनका सुनहरा भविष्य छिपा है।

मोबाइल युग में ‘रीडिंग कल्चर’ की पहल : समारोह के बाद युवा नेता मुकेश कुमार यादव ने मुखियाजी डॉट कॉम को बदलती जीवनशैली पर चिंता जताते हुए बताया कि आज मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के कारण युवाओं में पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। ऐसे में इस कार्यक्रम का दूसरा बड़ा उद्देश्य छात्रों में किताब पढ़ने की रुचि को फिर से जगाना है, ताकि वे केवल ऑनलाइन के भरोसे नहीं रहे, बल्कि ऑफलाइन भी जानकारी हासिल करे। बता दें कि रामबिहारीपुर में आयोजित कार्यक्रम में खड़गपुर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि राशिद कमर, समिति प्रतिनिधि कुबेर कुमार, पूर्व सरपंच विनोदी यादव, अधिवक्ता राजपति यादव, भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष शिवप्रकाश मोदी, भाजपा ओबीसी मोर्चा के रणवीर शर्मा, विभाष सिंह, अमन राज, राजीव यादव, अजीत यादव, अमन चैन, अनिल साह, प्रताप सिंह, मंटू सोरेन, मनीष आनंद, सन्नी कुमार, राकेश रंजन, रवि, रवीश सहित काफी संख्या में ग्रामीण जुटे थे।

पंचायत में पहली बार ऐसा प्रयास : कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने इस पहल को ऐतिहासिक बताया। उनका कहना था कि वर्ष 2005 से पंचायत चुनाव होने के बावजूद अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस तरह का शैक्षणिक और प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया था। वहीं ग्रामीणों के साथ कार्यक्रम में मौजूद पुरस्कृत परीक्षार्थियों ने बताया कि यह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि गांव की सोच में बदलाव की शुरुआत है। मुकेश यादव की यह पहल उन्हें सिर्फ एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा नेतृत्व के रूप में स्थापित कर रही है, जो राजनीति को विकास और शिक्षा से जोड़कर देखता है। ग्रामीणों ने इसके लिए उन्हें बधाई भी दी है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर यह संदेश भी गया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो छोटे स्तर से भी बड़ा बदलाव शुरू किया जा सकता है। बहरहाल, रामबिहारीपुर का यह आयोजन अन्य पंचायतों के लिए प्रेरक बन गया है। जब सम्मान के साथ किताबें मिलती हैं, तो वह सिर्फ पुरस्कार नहीं रहता, बल्कि वह एक पीढ़ी के भविष्य को दिशा देने का माध्यम बन जाता है।

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