Rajesh Thakur l Patna
कोशी प्रमंडल मुख्यालय सहरसा में विश्वविद्यालय की स्थापना और राज्य में क्षेत्रीय संतुलन के सवाल को लेकर विधायक इन्द्रजीत प्रसाद गुप्ता (I P Gupta) ने बिहार विधान सभा में सरकार को कठघरे में खड़ा किया। सदन में पूछे गए उनके तारांकित प्रश्नों ने यह सवाल फिर से जगा दिया कि जब राज्य के लगभग हर प्रमंडल मुख्यालय में विश्वविद्यालय है, तो सहरसा अब तक इससे वंचित क्यों है?
उच्च शिक्षा विभाग से विधायक गुप्ता ने स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या यह तथ्य सही है कि सहरसा एकमात्र प्रमंडल मुख्यालय है, जहां अपना विश्वविद्यालय नहीं है, और यदि हां, तो सरकार कब तक सहरसा में विश्वविद्यालय स्थापित करने पर विचार करेगी?
विधायक आईपी गुप्ता के सवाल के जवाब में विभागीय मंत्री ने बताया कि कोशी प्रमंडल के अंतर्गत मधेपुरा में पहले से ही बीएन मंडल विश्वविद्यालय का संचालन हो रहा है। ऐसे में सहरसा में अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। हालांकि, विधायक इन्द्रजीत प्रसाद गुप्ता ने यह मुद्दा उठाकर क्षेत्रीय असमानता पर ध्यान खींचा और सरकार से कोशी क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को लेकर ठोस नीति स्पष्ट करने की मांग की। इसी क्रम में उन्होंने एक अन्य तारांकित प्रश्न में जमुई जिले में प्रस्तावित तारामंडल निर्माण की स्थिति को भी सदन में उठाया।

सरकार ने जवाब में बताया कि जमुई जिले में डिजिटल तारामंडल एवं स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर की स्थापना को स्वीकृति दी गयी है, जिसकी कुल लागत 39 करोड़ रुपये होगी। इसमें से 22.20 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष राशि केंद्र सरकार की सहायता से दी जाएगी। विधायक गुप्ता ने दोनों ही प्रश्नों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि राज्य में विकास योजनाओं का कार्यान्वयन संतुलित और न्यायसंगत होना चाहिए, ताकि किसी भी क्षेत्र को लंबे समय तक उपेक्षित न रखा जाए। उनके सवालों ने सदन में क्षेत्रीय विकास और समान अवसर की बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।





