West Bengal Election 2026 : बिहार के MLC जीवन कुमार पहुंचे केशपुर, कहा- बंगाल में भाजपा तय

Rajesh Thakur | Patna

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच बिहार से भी सियासी सक्रियता तेज हो गयी है। वहां का चुनावी अखाड़ा सज चुका है। 294 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे चुनाव के लिए सत्ताधारी All India Trinamool Congress (TMC) और विपक्ष में Bharatiya Janata Party (BJP) सहित अन्य दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। चुनावी मुद्दों में विपक्ष रोजगार संकट, शहरी अव्यवस्था, जलजमाव, खराब सड़कें, ट्रैफिक दबाव, महंगाई, कानून-व्यवस्था आदि को प्रमुख रूप से उठा रहे हैं। वहीं सत्ता पक्ष ममता सरकार की उपलब्धियां गिना रहा है। दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान है तो 4 मई को मतगणना होगी। मुखियाजी ई-पेपर और मुखियाजी न्यूज पोर्टल भी इस चुनावी मैदान में उतर चुका है, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए नहीं बल्कि उसे जमीनी हकीकत के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए। इसी कड़ी में चुनावी सीरीज के आगाज में आपने पढ़ा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में किस तरह बिहार फैक्टर हावी है। इसकी लिंक नीचे क्लिक कर आप खबर पढ़ सकते हैं। इसी कड़ी में चलते हैं केशपुर विधानसभा क्षेत्र।

पश्चिम बंगाल में चुनावी दौरे पर बिहार के विधान पार्षद जीवन कुमार।

दरअसल, बिहार के गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार चुनावी दौरे पर गुरुवार को पश्चिम बंगाल पहुंच चुके हैं तथा जमीनी स्तर पर संगठन को धार देने में जुट गये हैं। केशपुर विधानसभा क्षेत्र वहाँ के मेदिनीपुरजिले में पड़ता है। उन्होंने ओडिशा सांसद डॉ रवींद्र बेहेरा और घाटाल जिला के प्रवासी प्रमुख रवींद्र जी के साथ चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान कोलकाता और केशपुर क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और जमीनी समीकरणों को लेकर गहन मंथन किया गया। बैठक के बाद जीवन कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में बदलाव तय है और पार्टी दो-तिहाई बहुमत के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी है और जीतेगी। कार्यकर्ताओं के उत्साह और स्थानीय समर्थन को जीत का संकेत बताते हुए कहा कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की जमीन तैयार हो चुकी है।

जीवन कुमार ने आगे बताया कि चुनावी रणनीति के केंद्र में इस बार मतदाता सूची की शुद्धता और बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि फर्जी वोट को रोकना और जेन्युइन वोटर तक सीधा पहुंच बनाना इस बार की प्राथमिकता है। इसके लिए संगठन स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट की रणनीति अपनायी जा रही है। सियासी सूत्रों के अनुसार पार्टी इस बार हर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार कर रही है। खासकर हिंदीभाषी और प्रवासी मतदाताओं को साधने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। वहीं, केशपुर की बैठक के बाद भाजपा विधान पार्षद जीवन कुमार ने सोशल मीडिया पर साफ लिखा है कि बंगाल की जनता बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है और हमारी रणनीति एकदम स्पष्ट है। हम हर हाल में बंगाल का यह चुनावी रण फतह करेंगे। बहरहाल, सियासी पंडितों की मानें तो पश्चिम बंगाल का चुनाव अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया है। बाहरी राज्यों के नेताओं की सक्रिय भागीदारी और बूथ स्तर तक की रणनीति इस बात का इशारा है कि 2026 का यह चुनाव पूरी तरह हाई-स्टेक मुकाबले में तब्दील हो चुका है, जहां हर दल जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | बिहार फैक्टर सीरीज | मुखियाजी स्पेशल… पढ़िए बंगाल के चुनाव में किस प्रकार इस बार एक नया समीकरण तेजी से उभर रहा है ‘बिहार फैक्टर’… ग्राउंड रिपोर्ट