वसंत राग की मधुर ध्वनियों से गूंजा पटना संग्रहालय, भाव-विभोर हुए श्रोता

Mukhiyajee Report । Patna
बिहार संग्रहालय ने पिछले एक दशक में अपनी रचनात्मक और नवाचारी पहलों के माध्यम से सांस्कृतिक गतिविधियों में एक विशिष्ट पहचान बनायी है। इसी कड़ी में वसंत पंचमी के अवसर पर आज शुक्रवार को पटना संग्रहालय परिसर में वसंत राग का खूब धमाल मचा। वसंत ऋतु के स्वागत में आयोजित संगीतमय कार्यक्रम ‘वसंत राग’ में बही ‘गायन सरिता’ ने लोगों का मन मोह लिया। खास बात कि इस अवसर पर संग्रहालय परिसर को पीले फूलों से सजाया गया था सुसज्जित किया गया, जो वसंत ऋतु के उल्लास और सौंदर्य को दरसा ही नहीं रहा था, अहसास भी करा रहा था। फूलों से लिखा ‘वसंत आगमन’ आकर्षण का केंद्र बना रहा। युवा उसके संग सेल्फी भी ले रहे थे।

वसंत राग कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक एवं संगीतज्ञ सरोज दास ने हारमोनियम संग वसंत राग सहित कई शास्त्रीय गीतों की प्रस्तुतियां दी। उनकी गायकी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, इसके पश्चात वसंत राग की प्रस्तुति दी गयी। इस दौरान सरस्वती वंदना के दो गीत प्रस्तुत किए गए, जबकि समापन होली गीतों के साथ हुआ, जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस संगीतमय प्रस्तुति में अपराजिता चटर्जी ने तानपुरा पर संगत की, जबकि तबले पर संतोष कुमार ने सधी हुई थाप दी। कार्यक्रम को देखने-सुनने बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी और आम नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर बिहार संग्रहालय के अपर महानिदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कम समय में सूचना मिलने के बावजूद सरोज दास और उनकी टीम ने अत्यंत उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि बिहार संग्रहालय की यह निरंतर कोशिश रही है कि वह ऐसे सांस्कृतिक आयोजन करे, जिनसे आमजन भावनात्मक रूप से जुड़ सकें। यह प्रस्तुति सभी के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी। उन्होंने बिहार की पारंपरिक हस्तकला से निर्मित पुष्पगुच्छ भेंट कर कलाकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर अपर निदेशक सुनील कुमार झा, क्यूरेटर रवि कुमार गुप्ता एवं विशि उपाध्याय, उप निदेशक मौमिता घोष, पटना कला एवं शिल्प महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य अजय पांडेय सहित कला और संगीत जगत के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।