हवेली खड़गपुर में मौसम बदला, दोपहर में घंटा भर हुई झमाझम बारिश; माँ दुर्गा के गज पर आने से जोड़कर देख रहे हैं लोग

Mukhiyajee Kharagpur Reporter

शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। पिछले दो-तीन दिनों से दिन में तेज गर्मी पड़ रही थी, लेकिन आज पहले ठंडी हवा चली और फिर दोपहर में हवेली खड़गपुर में तेज बारिश हुई। बताया जा रहा है कि आसपास के कई और इलाकों में भी बारिश हुई है। इस बदलाव को लोग नवरात्र के आरंभ में बतायी गयी ज्योतिषीय भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं। ज्योतिष दैवज्ञ आचार्य ब्रजेश मिश्र ने पंचांग के आधार पर काफी पहले बता दिया था कि इस बार माँ दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर हो रहा है। मुखियाजी डॉट कॉम पर 6 अक्टूबर को यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गयी थी।

आचार्य ब्रजेश मिश्र ने मुखियाजी डॉट कॉम पर 6 अक्टूबर को प्रमुखता से प्रकाशित खबर में कहा था कि गज जल प्रदान करने वाला वाहन माना गया है। उसका फल यह है कि वर्षा अच्छी होगी और कहीं-कहीं जलप्लावन की स्थिति भी बन सकती है। उन्होंने यह भी बताया था कि देवी का गमन भी गज वाहन से होगा, जिसे शुभ दृष्टि वाला माना गया है। आज षष्ठी तिथि है और माँ के छठे स्वरूप कात्यायनी की पूजा हो रही है। आचार्य के अनुसार आज बिल्वाभिमंत्रण और गज पूजा का विधान है। बांग्ला पंचांग के अनुसार षष्ठी को ही माँ के मंदिरों के पट खुल जाते हैं। इसलिए बंगाली समुदाय के मंदिरों और पूजा पंडालों में आज से माँ दुर्गा के दर्शन शुरू हो गए हैं। अन्य जगहों पर सप्तमी या अष्टमी को दुर्गा स्थानों के पट खुलेंगे।

उन्होंने बताया कि कल 17 अक्टूबर को सप्तमी पर नवपत्रिका प्रवेश और सरस्वती पूजन होगा। 18 और 19 अक्टूबर को अष्टमी रहेगी, क्योंकि अष्टमी की वृद्धि तिथि है। 19 अक्टूबर को सुबह 07:39 बजे से 08:28 बजे तक संधि पूजन का विशेष मुहूर्त है। 20 अक्टूबर को महानवमी पर कन्या भोजन, बटुक भोजन और हवन होगा। मिथिला पंचांग के अनुसार अपने क्षेत्र में विजयादशमी 21 अक्टूबर को मनायी जाएगी, जबकि वाराणसी आदि क्षेत्रों में 20 अक्टूबर को। पंचांगों के मतभेद के कारण तिथियों में यह अंतर दिखता है। बहरहाल, मौसम में आए इस बदलाव के बीच श्रद्धालु इसे माँ दुर्गा के गज पर आने से जोड़कर देख रहे हैं।