गयाजी में अब भोजन के लिए नहीं भटकेंगे श्रद्धालु, महावीर मंदिर ने शुरू की विष्णु रसोई

Mukhiyajee Reporter | Patna

पितृपक्ष में पिंडदान और पूजा-पाठ के लिए गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सराहनीय पहल शुरू हुई है। पटना के श्री महावीर स्थान न्यास समिति की ओर से गयाजी में विष्णु रसोई की शुरुआत की गयी है। अब पूजा करके मंदिर से लौटने वाले श्रद्धालुओं को भोजन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। पास में ही उन्हें शुद्ध और सात्विक भोजन परोसा जाएगा। विष्णु रसोई का उद्घाटन श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने किया। इस मौके पर सांसद शांभवी चौधरी और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत बताया।

सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया : महावीर मंदिर की ओर से यह सेवा पहली बार नहीं शुरू की गयी है। इससे पहले न्यास समिति अयोध्या में राम रसोई और सीतामढ़ी में सीता रसोई का सफल संचालन कर रही है। इसी कड़ी में अब गयाजी में विष्णु रसोई जुड़ गयी है। खास बात यह है कि महावीर मंदिर ने लगातार दूसरे वर्ष गयाजी में यह सेवा शुरू की है। पितृपक्ष के अवसर पर शुरू की गयी यह सेवा 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को पिंडदान या पूजा-पाठ के बाद मंदिर के पास ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

क्यों खास है यह पहल : पितृपक्ष में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना लेकर गयाजी पहुंचते हैं। कई बार अनुष्ठान में लंबा समय लग जाता है और थके-हारे श्रद्धालुओं, खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को भोजन के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में पूजा स्थल के पास ही सात्विक भोजन की व्यवस्था उनकी बड़ी परेशानी दूर करेगी। इस पहल का उद्देश्य साफ है कि आस्था की राह पर चलकर गयाजी आने वाला कोई भी श्रद्धालु भूखा या परेशान न रहे। भोजन सेवा के जरिए महावीर मंदिर एक बार फिर समाजसेवा और धार्मिक आस्था के मेल की मिसाल पेश कर रहा है।