सुनिए आलोक (मेहता) जी, जब हम सुनाएंगे तो आपको तिरतीरी लगेगी, मंगल पांडेय ने खूब सुनाया

Rajesh Thakur | Patna
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और राजद विधायक आलोक मेहता के बीच काफी ‘तू-तू, मैं-मैं’ हुआ। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विपक्ष पर चुन-चुन कर हमले किये। उन्होंने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि जब हम सुनाना शुरू करेंगे तो आपलोग भाग जाइएगा। आपको खूब तिरतीरी लगेगी। दरअसल, बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। स्वास्थ्य बजट पर चर्चा के दौरान माहौल उस वक्त गरमा गया, जब राजद विधायक आलोक मेहता अपनी सीट से खड़े होकर बोलने लगे। इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तंज कसते हुए कहा, ‘आलोक जी नेता प्रतिपक्ष बनना चाहते हैं। मैं इसके लिए शुभकामना देता हूं।’ मंत्री ने आगे सख्त लहजे में कहा कि यह भाषण देने का मंच नहीं है। उन्होंने विपक्ष की टोका-टाकी पर पलटवार करते हुए कहा, ‘मैं अगर बोलना शुरू करूंगा तो आपलोग भाग जाएंगे।’ और सही में कुछ देर बाद विपक्षी सदस्य वॉकआउट कर गए।

इससे पहले बहस के दौरान शेरो-शायरी का दौर भी चला। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राजद विधायक डॉ. करिश्मा राय की टिप्पणी के जवाब में तंज भरे अंदाज में कहा, ‘जब खुशी देने का वक्त था तब सितम ढाया आपने, अब बहार आयी है तो कांटे दिखते हैं आपको।’ विपक्ष की ओर से भी पलटवार हुआ। राजद विधायक रणविजय साहू ने आईजीआईएमएस में बेड की उपलब्धता और पटना के बाइपास व बस स्टैंड इलाके में खुले निजी अस्पतालों को मुद्दा बनाते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पैरवी के इलाज मिलना कठिन है। चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के बजट पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापित डॉक्टरों को प्रोत्साहन के रूप में अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। साथ ही सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार नयी नीति लाएगी। सरकार का तर्क है कि इससे सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय सेवाएं बेहतर होंगी और ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के लिए 21,270.64 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सेवा पर है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। नियुक्तियों के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े कदमों का उल्लेख किया। मंत्री के अनुसार विभिन्न संवर्गों में कुल 39,095 नियमित नियुक्तियां की गयी हैं, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5,226 संविदा कर्मियों की बहाली हुई है। इस तरह कुल 44,321 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की गयी है। उन्होंने घोषणा की कि अगले 15 दिनों में 5,000 नर्सों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। मंत्री ने सदन में बताया कि वर्ष 2025-26 में 7,468 एएनएम की नियुक्ति की गयी है। इसके अलावा 597 नियमित तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 2,387 सामान्य व आयुष डॉक्टरों की बहाली हुई है। 1,126 विशेषज्ञ डॉक्टर और 228 विशेष डॉक्टर भी नियुक्त किए गए हैं। 1,368 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों की बहाली के साथ 14,060 एएनएम की नियुक्ति शीघ्र पूरी होनेवाली है।

स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। सात निश्चय-3 के तहत कई स्वास्थ्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है, वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम के सेंट्रल हब के जरिये दवाओं की आपूर्ति की जा रही है। राज्य में 1.79 करोड़ परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 1.69 करोड़ पात्र परिवारों और 4.14 करोड़ लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। उन्होंने चर्चा के दौरान ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब सम्राट चौधरी स्वास्थ्य मंत्री थे, तो उनके कार्यकाल में भी आयुष्मान कार्ड काफी संख्या में बनी थी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2005 के 61 प्रति हजार से घटकर 2023 में 27 प्रति हजार हो गयी है, जबकि मातृ मृत्यु अनुपात में भी गिरावट आयी है। सतत विकास लक्ष्य 2030 के अनुरूप स्वास्थ्य मानकों को और बेहतर करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। अंत में मंत्री ने विश्वास दिलाया कि अतिरिक्त वेतन और नियुक्तियों के जरिये ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाएगा, ताकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।