Rajesh Thakur । Patna
बिहार विधान मंडल का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू हो गया है और यह सदन 27 फरवरी तक चलेगा। नयी सरकार का यह पहला बजट सत्र है और इस साल का भी यह पहला सत्र ही है। इसे लेकर गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा विधान पार्षद जीवन कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे इस दौरान शिक्षकों के वेतनमान, अनुदान और सेवा संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से सदन के समक्ष रखेंगे। हाल ही में औरंगाबाद, आरा, बक्सर, मोहनिया, गया, कोईलवर आदि के दौरे के बाद विधान पार्षद ने मुखियाजी डॉट कॉम से कहा कि शिक्षकों के बीच आज भी अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर मजबूत विश्वास है। इन दौरों के दौरान शिक्षकों ने वेतनमान, अनुदान व्यवस्था में सुधार और समान सेवा शर्तों को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा कीं।

उन्होंने बताया कि नीतीश सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और शिक्षक इस व्यवस्था की रीढ़ हैं। मेरा संकल्प है कि हर शिक्षक और कर्मचारी को सम्मानजनक वेतनमान मिले, अनुदान आधारित व्यवस्था से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान हो और सेवा शर्तों में स्पष्टता आए। इन विषयों को बजट सत्र में सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बजट सत्र एक अवसर है, जब शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए व्यावहारिक सुझावों और जमीनी अनुभवों को सदन में रखा जाएगा। शिक्षकों के हित में सार्थक पहल तभी संभव है, जब संवाद और समाधान की भावना के साथ काम किया जाए।
गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे जीवन कुमार ने भरोसा दिलाया कि शिक्षक समाज की आवाज सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंचे, इसके लिए वे सदन के भीतर अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभाते रहेंगे। बता दें कि जीवन कुमार अपने गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते रहते हैं। शिक्षकों के दुख-सुख में शामिल होते हैं। उनकी समस्याओं के समाधान की हर संभव कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ता है तो ऑनस्पॉट अधिकारियों से बात कर कार्यवाही भी करवाते हैं। पटना में रहते हैं तो अपने सरकारी आवास पर भी शिक्षकों के साथ बैठक करते हैं, विमर्श करते हैं।
विधान पार्षद जीवन कुमार सोशल मीडिया फ्रेंडली भी है और इस प्लेटफॉर्म पर भी शिक्षकों की आवाज बुलंद करते हैं। उन्होंने बजट सत्र शुरू होने के ठीक एक दिन पहले एक कविता पोस्ट की है। इस कविता में भी उन्होंने शिक्षकों के प्रति अपनी भावना पोस्ट किये हैं। आप खुद उस कविता को देखें…
कलम की ताकत, गुरु का मान
और ईश्वर का आशीर्वाद, आज का दिन रहा
राममय, जन-जन के विश्वास के साथ।
औरंगाबाद की धरती पर
गूंजी हक की हुंकार, शिक्षकों के ‘वेतनमान’
को, अब मिलेगी नई रफ्तार।।
अनुदान की जंजीरें टूटेंगी
अब अधिकार की बारी है, सदन से लेकर
सड़क तक, मेरी जंग अभी भी जारी है।
आरा में गुरुओं के चरणों में
झुककर शीश नवाया है
कोईलवर से मोहनिया तक
विदाई का मान बढ़ाया है।।
मोहनिया के मंगलम में
बच्चों की गुरुकुल मिली
शिक्षा और संस्कार
के गुलशन में,
नई एक कली खिली।
बक्सर में संकटमोचन ने
सेवा की शक्ति दे दी
जगदीशपुर की काली मां ने
विजय की भक्ति दे दी।।
थकान को पीछे छोड़ दिया
अब लक्ष्य को पाना शेष है
शिक्षक हित ही सर्वोपरि
यही मेरा संदेश है!









