Nidhi Shekhar । Patna
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता रहे दिवंगत रामदहिन यादव की 10वीं पुण्यतिथि 26 जनवरी को नालंदा के हिलसा स्थित लोहिया नगर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनायी गयी। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और आम नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। वक्ताओं ने रामदहिन बाबू के राजनीतिक जीवन और सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना राजनीतिक सफर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संचालित नालंदा नव निर्माण अभियान से शुरू किया था। इसके बाद वे ताउम्र नीतीश कुमार की नीतियों, सिद्धांतों और विचारधारा से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जुड़े रहे।


सभा में बताया गया कि जनता दल के विघटन के समय उन्होंने तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद लालू प्रसाद यादव के साथ जाने के बजाय नीतीश कुमार के नेतृत्व में समता पार्टी का दामन थामा और बाद में जनता दल (यू) से जुड़े रहे। यह उनके वैचारिक दृढ़ता और सिद्धांतनिष्ठ राजनीति का उदाहरण माना गया। सभा में मौजूद उनके बड़े पुत्र समाजसेवी सौरभ कुमार ने कहा कि उनके पिता ने उस दौर में भी नीतीश कुमार के साथ खड़े रहकर ईमानदार राजनीति की मिसाल पेश की, जब बिहार में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का शासन था। वहीं छोटे पुत्र राहुल कुमार ने कहा कि उनके पिता ने जीवन भर विकट परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
कार्यक्रम में जदयू, भाजपा, राजद, माले और कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के नेताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इनमें जदयू प्रखंड अध्यक्ष कुंदन कुमार, भाजपा के गौरव प्रकाश, राजद प्रखंड अध्यक्ष नवल यादव, माले नेता चुन्नू चंद्रवंशी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला सहित कई प्रमुख नेता शामिल थे। इसके अलावा पत्रकार, अधिवक्ता, समाजसेवी और नगर परिषद से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें पूर्व विधायक रामचरित्र प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक उषा सिन्हा, पूर्व विधान परिषद सदस्य राजू यादव, हिलसा नगर परिषद अध्यक्ष धनंजय कुमार आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का समापन उनके बताए मार्ग पर चलने और ईमानदार सार्वजनिक जीवन को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।





