सादगी से बजी शहनाई, संस्कार से बंधी रिश्तों की डोर, निःशुल्क सामूहिक विवाह पर बड़ा ऐलान

Mukhiyajee Reporter | Haveli Kharagpur
महाशिवरात्रि पर शहर के मारवाड़ी टोला स्थित होटल प्रज्ञा में ऐसा मनोरम दृश्य साकार हुआ, जहां आडंबर से नहीं, बल्कि सादगी और संस्कार से रिश्तों की डोर बंधी। अखिल विश्व गायत्री परिवार की हवेली खड़गपुर शाखा की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलध्वनि के बीच दो जोड़े परिणय सूत्र में बंधे और उन्होंने एक नयी जीवन यात्रा शुरू की। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में एसडीओ राजीव रोशन, प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी, थानाध्यक्ष राजेश कुमार तथा विशिष्ट अतिथियों में पूर्व मुख्य पार्षद दीपा केशरी और पूर्व उपमुख्य पार्षद शंभू केशरी उपस्थित रहे।

समारोह के आयोजक संजीव कुमार ने बताया कि महाशिवरात्रि पर गायत्री परिवार की ओर से पहली बार सामूहिक विवाह समारोह शुरू किया गया। इसमें काफी लोगों का सहयोग मिला। कई ऐसे समाजसेवी सामने आए, जिन्होंने तन, मन और धन; तीनों से सहयोग किया। उन्होंने बताया कि लोगों के उत्साह को देखते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार की हवेली खड़गपुर शाखा ने बड़ा निर्णय लिया है। अब निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह हर साल कराया जाएगा। इधर, रविवार (15 फरवरी) को आयोजित समारोह का संचालन भगवताचार्य विकास भारती के मार्गदर्शन में हुआ। उनकी टीम ने विवाह गीतों और परंपराओं के पीछे छिपे वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व को सहज भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि शंख को लक्ष्मी का भाई माना गया है। समुद्र से शंख और लक्ष्मी का प्राकट्य, दोनों ही मंगल और समृद्धि के प्रतीक हैं। इसलिए विवाह में शंखध्वनि केवल परंपरा नहीं, बल्कि शुभता का आह्वान है।

युग गायिका शालिनी तिवारी, उद्गाता नंदन निराला और कुंदन कुमार ने संगीत की मधुर स्वर-लहरियों से वातावरण को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर दिया। सादगीपूर्ण मंडप में वैदिक रीति से कन्यादान, सप्तपदी और अन्य सभी वैवाहिक रस्में संपन्न करायी गयीं। गायत्री परिवार की ओर से वर-वधू के लिए आवश्यक वैवाहिक सामग्री, कन्यादान सामग्री और सामूहिक भोज की व्यवस्था निःशुल्क की गयी। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों और अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को उपहार और नकद भेंट देकर उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। आयोजकों ने कहा कि सादगी, समानता और संस्कार आधारित वैवाहिक परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल की गयी है, ताकि समाज में अनावश्यक दिखावे और खर्च की प्रवृत्ति पर अंकुश लगे। इससे पूर्व भी संस्था द्वारा जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए ऐसे आयोजन किए जाते रहे हैं।

महाशिवरात्रि की इस पावन संध्या पर जब मंत्रों की गूंज और शहनाई की मधुर तान एक साथ उठी, तो लगा मानो शिव-पार्वती का आशीर्वाद स्वयं इस आयोजन पर बरस रहा हो। यह केवल विवाह नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार का उत्सव था, जहां दो परिवार ही नहीं, पूरा समाज एक सूत्र में बंधता नजर आया। बहरहाल, आयोजकों ने यह भी बताया कि शादी के लिए कई और जोड़ों ने निबंधन कराया था, लेकिन उन्हें मजबूरी में कैंसिल करना पड़ा, क्योंकि उनकी उम्र शादी के लायक नहीं थी। वैसे अभिभावकों से आग्रह है कि बाल विवाह से वे लोग बचें। सही उम्र पर लड़के-लड़की की शादी कराएं। समारोह में मुख्य और विशिष्ट अतिथियों के अलावा वार्ड पार्षद सरिता केशरी, स्मिता देवी, शुभम केशरी, सत्यम निराला, आर्यन राज, सुरेश बाजोरिया, बिपिन साह, राजेश केशरी, मीना केशरी, आशुतोष शर्मा, सुधीर चंद्र साहा, सुनील कुमार साहा, कुमार अनुपम, नीतेश मिश्रा, शैलब झा,, शैलबाला अग्रवाल, प्रतिमा भारती, शांति देवी, राधा देवी, विदेशी डॉक्टर, परमेश्वर प्रसाद केशरी, हरेंद्र गुप्ता, शंभू मंडल, राजेश मंडल, संदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।