Mukhiyajee Reporter | Patna
पटना में अब AI संभालेगा ट्रैफिक की कमान। 10 मिनट में अस्पताल पहुंचेगी एम्बुलेंस। टेक्निकल ड्राफ्ट का आज प्रजेंटेशन हुआ। दरअसल, राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और जाम-मुक्त बनाने के लिए शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सभागार में यातायात जाम के प्रबंधन एवं समाधान विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें यातायात समस्याओं के स्थायी व तकनीक-आधारित समाधानों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य रूप से पटना में लगने वाले जाम की चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीकी आधारित यातायात कंट्रोल सिस्टम लागू करने का मसौदा तैयार हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने की और मुख्य वक्ता सीआरआरआई के पूर्व निदेशक और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व प्रो. पीके सिकदर एवं आर्केडिस आईबीआई ग्रुप के इंडिया ऑपरेशन्स के कंट्री हेड वेंकटा चुंदुरू रहे।
इस दौरान आंकड़ों के आधार पर पटना शहर की भौगोलिक संरचना, बढ़ती आबादी और वाहनों का दबाव, अतिक्रमण, ट्रैफिक नियम, यातायात प्रबंधन के समक्ष मुख्य चुनौतियां आदि विषयों पर चर्चा की गयी। डाकबंगला, पटना जंक्शन रोड, जीपीओ गोलंबर, एग्जीबिशन रोड, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, पीएमसीएच, अशोक राजपथ, सगुना मोड़, अनीसाबाद और बेली रोड जैसे जगहों पर प्रतिदिन पड़ने वाले अत्यधिक यातायात दबाव पर गहन मंथन किया गया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को लेकर भी चर्चा की गयी। इस दौरान पटना शहर के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और समाधानों पर प्रो. पीके सिकदर और वेंकटा चुंदुरू ने आर्केडिस से तैयार तकनीकी ड्राफ्ट का प्रस्तुतीकरण किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स और एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से यातायात समस्याओं के स्थायी समाधानों पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में पटना के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के मौजूदा बुनियादी ढांचे का अधिकतम लाभ उठाते हुए एक इंटेलिजेंस लेयर लागू करने का प्रस्ताव रखा गया।

एआई-संचालित मॉडल के माध्यम से 30-40 मिनट पहले ही संभावित ट्रैफिक जाम का पूर्वानुमान लगाकर सिग्नल और डायवर्जन को स्वचालित रूप से समायोजित करने, ई-रिक्शा और ऑटो के लिए जियोफेंसिंग, वर्चुअल स्टैंड और शेड्यूलिंग के जरिए स्टेशन-क्षेत्रों और बाजारों में अनियंत्रित ठहराव को नियंत्रित करने, पटना मेट्रो स्टेशनों के आसपास होने वाली भीड़ और ड्रॉप-ऑफ को सुचारू रूप से प्रबंधित करने, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए तैनात जवानों का अटेंडेंस मॉनीटरिंग सिस्टम लागू करने, दुर्घटना की स्वचालित एआई पहचान, निकटतम एम्बुलेंस को अलर्ट और ग्रीन कॉरिडोर प्राथमिकता के जरिए पीड़ित को 10 मिनट में अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चिक करने, सड़क के किनारों पर अनधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण को चिन्हित कर सड़क की प्रभावी चौड़ाई बढ़ाने, बारिश और जलजमाव के दौरान प्रभावित मार्गों की अग्रिम सूचना देकर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ने आदि का संचालन होगा, ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हो।
बहरहाल, पटना एवं राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में यातायात दबाव कम करने के लिए ठोस एवं क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजना तैयार करने आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गयी। इस कार्यक्रम में बीएसआरडीसीएल के प्रबंध निदेशक, पटना नगर आयुक्त, यातायात पुलिस अधीक्षक, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, जिला प्रशासन, यातायात पुलिस एवं वरीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।







