PATNA (MR) : पंच-सरपंच के प्रखंडस्तरीय धरना में पूरे बिहार लगभग डेढ़ लाख कर्मी शामिल होंगे। पूरे सूबे में यह ऐतिहासिक धरना होगा। पंच-सरपंच के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने दावा करते हुए कहा कि 17 वर्षों से संघर्ष के साथ अब हमारे जनप्रतिनिधि जागृत हो चुके हैं और एकजुट हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार प्रदेश पंच-सरपंच संघ के आह्वान पर जिस प्रकार 11 दिसंबर 2022 को पटना के बापू सभागार में क्षमता से 10 गुना अधिक पंच परमेश्वर ने उपस्थिति दर्ज करायी थी। उसी प्रकार सभी लगभग डेढ़ लाख प्रतिनिधि कर्मी आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर बिहार के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर एक साथ और एक समय में धरना दिया गया।

उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक धरना में पंच, सरपंच, उपसरपंच एवं सचिव, न्यायमित्र, प्रहरी भाई-बहन अपने सहयोगी समर्थकों के साथ एकजुट होकर शामिल होंगे। 11 सूत्री मांगों के समर्थन में यह विशाल धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद भी यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं की तो आगामी 2 अक्टूबर 2023 को गांधी जयंती के मौके पर चंपारण के भीतिहरबा से न्याय यात्रा निकलेगी तथा सभी 38 जिलों का भ्रमण कर पहुंचेगी। इस दौरान प्रतिनिधियों से हस्ताक्षर भी कराया जाएगी। उन्होंने कहा कि हमलोग राज्यपाल से मिलकर सामूहिक इस्तीफा देंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य की 80% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निवास करती है और उनके ही मतों से पंच-सरपंच जीतकर आते हैं। गांव-समाज में आदि काल से पंच-सरपंच पंच परमेश्वर के रूप में सम्मानित हैं। इसके बाद भी सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

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