PATNA (MR) : बिहार स्टार्टअप की ओर से आयोजित दो दिवसीय ऑल इंडिया लेवल स्टार्टअप चैलेंज 2023 के दूसरे दिन गुरुवार 5 अक्टूबर को देश के नौ राज्यों की 200 से अधिक टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्टार्टअप आइडिया के साथ निर्णायक मंडल को प्रभावित करने की भरपूर कोशिश की।

निर्णायक मंडल ने स्टार्टअप एवं रिसर्च स्कॉलर कैटेगरी में नई दिल्ली के निक्की कुमार झा को प्रथम, पटना की रंजना राज को द्वितीय तथा वैशाली के डॉ शशि कुमार को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया। सीनियर कॉलेज कैटेगरी में समस्तीपुर के चिन्मय नायक को प्रथम, सिवान की सृष्टि कुमारी को द्वितीय तथा तमिलनाडु के शिव संतोष को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। स्कूली कैटेगरी में पटना के अक्षित कुमार लाल को पहला पुरस्कार, उत्तर प्रदेश के आयुष सिंह को दूसरा पुरस्कार तथा नई दिल्ली के ऊर्जित महाजन को तीसरा पुरस्कार को दिया गया। सभी विजेताओं को उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने पुरस्कृत किया।

समापन समारोह में समीर कुमार महासेठ ने कहा कि ऑल इंडिया स्टार्टअप चैलेंज का आयोजन बिहार में स्टार्टअप एक सिस्टम की मजबूती के लिए किया गया और यह स्टार्टअप को बढ़ावा देने की दिशा में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इमर्जिंग इकोसिस्टम के मामले में बिहार देश का सबसे बेहतरीन राज्य है। बिहार स्टार्टअप नीति के तहत चयनित स्टार्टअप को 10 लाख की सीड फंड की राशि देने का प्रावधान है। इसके अलावा सेबी रजिस्टर्ड निवेशकों से निवेश लेने में सक्षम होने वाले स्टार्टअप को 50 लख रुपये तक के मैचिंग ग्रांट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग महिला सशक्तिकरण तथा कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने में भी लगा हुआ है। इसके लिए बिहार स्टार्टअप नीति के तहत अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति तथा दिव्यांग उद्यमियों हेतु 15% अतिरिक्त सीड फंड तथा मैचिंग ग्रांट की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि बिहार के स्टार्टअप को लगभग 25 करोड़ रुपये की राशि सीड फंड के रूप में दी जा चुकी है। बिहार के 38 में से 37 जिलों में कोई ना कोई स्टार्टअप खुल चुका है, जबकि सभी जिलों में इनक्यूबेशन सेंटर की व्यवस्था की गई है। स्टार्टअप के प्रमोशन के लिए पटना के मौर्य लोक परिसर में बी-हब खोला गया है, जो तेलंगाना के टी-हब की तरह ही अनेक सुविधाओं से युक्त है।

समीर कुमार महासेठ ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप के कल्चर को बढ़ाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है। इससे नए उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और यदि पूरी शिद्दत एवं ताकत से मेहनत की जाए तो कायनात की सारी ताकतें आपकी मदद के लिए सामने आती हैं। कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। उन्होंने सभी स्टार्टअप इकाइयों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं हैं। सरकार हर प्रकार की मदद देने के लिए तैयार है। युवाओं को नए प्रयोग करने चाहिए। इनोवेशन से नए रास्ते बनते हैं और इनोवेशन से ही ऊंची उड़ान भरने में मदद मिलती है।

स्टार्टअप इन्नोवेशन चैलेंज के दूसरे दिन अदानी ग्रुप के नितिन सेठी, मारवाड़ी कैटालिस्ट के सुशील शर्मा, डॉ. प्रतिमा, मीवी रेडियो की फाउंडर मृदुला देवभक्तुनी, स्किपी आइस पॉप्स के फाउंडर रवि कबरा, v3 के फाउंडर अर्जुन वैद्य, हैदराबाद के टी हब के सीईओ एंथोनी अनीश, नैसकॉम के सीनियर डायरेक्टर कृतिका मुरुगेशन, ऑनलाइन प्रोडक्ट के गिरधर जी एम, देहात के फाउंडर शशांक, एक्सप्रेसवे के मुख्य वित्त अधिकारी राहुल अग्रवाल तथा योर स्टोरी की फाउंडर श्रद्धा शर्मा ने स्टार्टअप उद्यमियों को प्रेरित और प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ राणा सिंह आदि उपस्थित रहे।

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