PATNA (MR) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल संसाधन एवं लघु जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने मंगलवार को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में आयोजित बैठक में ‘खरीफ सिंचाई – 2023´ की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए लक्ष्य के अनुरूप अधिकारी तेजी से कार्य करें। अधिक-से-अधिक क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था कराएं, ताकि किसानों को कृषि कार्य में सहूलियत हो। उन्होंने कहा कि अल्प वर्षापात के कारण उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिए जो भी जरूरी और उपयोगी कार्य हैं उसपर त्वरित कार्रवाई करें। पूर्व से चलाई जा रही सिंचाई योजनाएं पूर्ण क्षमता से कार्य करे, यह सुनिश्चित कराएं। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों के निचले भागों में जल संचयन क्षेत्र विकसित करें।

जल संसाधन एवं लघु जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने अब तक के किए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। अभियंता प्रमुख ईश्वर चंद्र ठाकुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अद्यतन सिंचाई कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने सोन बराज, गंडक बराज, कोसी बराज एवं अन्य डैम / बियर से सिंचाई कार्य में लाभान्वित होनेवाले जिलों की स्थिति की जानकारी दी। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किए जा रहे कार्य, जलाशयों में जल संचयन क्षमता का वर्तमान प्रतिशत आदि के संबंध में भी बताया।

लघु जल संसाधन विभाग की विशेष सचिव आशिमा जैन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सभी जिलों के भू-जल स्तर की स्थिति, राजकीय नलकूपों की स्थिति, जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत आहर, पईन, पोखर आदि में जल संचयन की वर्तमान स्थिति आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिक-से-अधिक क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था कराएं, ताकि किसानों को कृषि कार्य में सहूलियत हो। अल्प वर्षापात के कारण उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिए जो भी जरूरी और उपयोगी कार्य हैं, उस पर त्वरित कार्रवाई करें। पहाड़ी क्षेत्रों के निचले भागों में जल संचयन क्षेत्र विकसित करें। उन्होंने कहा कि पूर्व से चलाई जा रही सिंचाई योजनाएं पूर्ण क्षमता से कार्य करे, यह सुनिश्चित कराएं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से शुद्ध किए गए पानी का उपयोग भी कृषि कार्य के लिए कराएं। नहरों की सफाई के कार्य पर ध्यान दें। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए लक्ष्य के अनुरूप तेजी से कार्य करें। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंच जाएगा तो इससे किसानों को काफी लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधाओं और उनके हित में हम निरंतर कार्य करते रहते हैं। किसानों को कृषि कार्य हेतु डीजल अनुदान उपलब्ध कराने के साथ-साथ सिंचाई कार्य हेतु पर्याप्त विद्युत आपूर्ति भी की जा रही है। हमलोगों का उद्देश्य है कि किसानों को धान रोपनी में सहूलियत हो । बैठक में जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, लघु जल संसाधन मंत्री जयंत राज, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी समेत विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।

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